तमिलनाडु ने बिजली क्षेत्र के लिए 49,000 करोड़ रुपये की रूपरेखा तैयार की
तमिलनाडु ने बिजली क्षेत्र के लिए 49,000 करोड़ रुपये की रूपरेखा तैयार की
चेन्नई, 25 जून (भाषा) तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन एवं विधि मंत्री आर. निर्मल कुमार ने बृहस्पतिवार को राज्य के बिजली क्षेत्र की वित्तीय स्थिति पर एक ‘श्वेत पत्र’ जारी किया, जिसमें अवसंरचना को स्थिर करने, वित्तीय घाटे को पाटने और 20,000 रोजगार सृजित करने के मकसद से 49,532 करोड़ रुपये की रूपरेखा बनाई गई है।
मंत्री ने कहा कि 31 मार्च, 2026 तक राज्य के बिजली क्षेत्र पर कुल बकाया कर्ज 2,47,130 करोड़ रुपये रहा। उपभोक्ताओं की संख्या 2001 में 143.51 लाख थी, जो 2026 में बढ़कर 351.73 लाख हो गई है।
इसके अनुरूप, अधिकतम बिजली मांग 2001 में 6,687 मेगावाट थी, जो 2026 में बढ़कर 21,307 मेगावाट के दैनिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।
मंत्री ने रूपरेखा को लेकर कहा कि इसमें 469 नए उपकेंद्र स्थापित करना, पारेषण प्रणाली का आधुनिकीकरण करना और 20,449 से अधिक पदों को भरने के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष भर्ती योजना लागू करना शामिल है।
तमिलनाडु बिजली बोर्ड (टीएनईबी) के 2001 से 2026 तक के 25-वर्षीय वित्तीय आकलन में पाया गया कि राजस्व प्राप्तियों और व्यय के बीच संचयी अंतर समय के साथ काफी बढ़ा। यह 2016-21 की अवधि में 58,534 करोड़ रुपये के घाटे के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जबकि 2021-26 की मौजूदा अवधि में इसे घटाकर 34,447 करोड़ रुपये तक सीमित किया गया है।
भाषा यासिर अजय
अजय

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