टाटा ट्रस्ट चालू वित्त वर्ष में परोपकारी खर्च बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये करेगा

टाटा ट्रस्ट चालू वित्त वर्ष में परोपकारी खर्च बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये करेगा

टाटा ट्रस्ट चालू वित्त वर्ष में परोपकारी खर्च बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये करेगा
Modified Date: June 14, 2026 / 09:07 pm IST
Published Date: June 14, 2026 9:07 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जून (भाषा) टाटा ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सिद्धार्थ शर्मा ने कहा है कि ट्रस्ट चालू वित्त वर्ष में अपने परोपकारी कार्यों पर खर्च बढ़ाकर लगभग 2,000 करोड़ रुपये करेगा।

शर्मा ने उन खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी जिनमें 180 अरब डॉलर से अधिक मूल्य वाले टाटा समूह की मूल कंपनी टाटा संस को नियंत्रित करने वाले परोपकारी ट्रस्टों के कथित आंतरिक मतभेदों पर ही ध्यान केंद्रित किया गया है।

शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘लिंक्डइन’ पर एक पोस्ट में कहा कि टाटा ट्रस्ट का मूल उद्देश्य परोपकार है और इसी काम के लिए इसका अस्तित्व है।

उन्होंने कहा कि कई बार बिना पर्याप्त सत्यापन और विश्लेषण के कुछ बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, जो आज के समय की वास्तविकता भी है और विडंबना भी।

उन्होंने टाटा ट्रस्ट की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि टाटा संस में बहुलांश हिस्सेदारी के कारण प्राप्त लाभांश को वर्ष-दर-वर्ष समाज के वंचित वर्गों के लिए परोपकारी कार्यों में लगाया जाता है।

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था 2014 में लागू कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) प्रावधान से 122 वर्ष पहले से जारी है।

शर्मा ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान टाटा ट्रस्ट का परोपकारी व्यय लगभग 1,600 करोड़ रुपये रहा और अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में यह बढ़कर लगभग 2,000 करोड़ रुपये हो जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि इस व्यय से असम, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कैंसर उपचार सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने में मदद मिली है।

शर्मा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब टाटा ट्रस्ट के अंतर्गत आने वाले विभिन्न परोपकारी संस्थानों के न्यासियों के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई है।

भाषा योगेश यासिर प्रशांत

प्रशांत


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