डेटा सेंटर के लिए कर अवकाश के प्रस्ताव से घरेलू कंपनियों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: सूत्र
डेटा सेंटर के लिए कर अवकाश के प्रस्ताव से घरेलू कंपनियों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: सूत्र
नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) आम बजट में डेटा सेंटर के लिए 20 साल के कर अवकाश के प्रस्ताव से घरेलू कंपनियों को महत्वपूर्ण लाभ होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इससे ये कंपनियां भारत में अपनी विदेशी आय पर कर लगने के जोखिम के बिना वैश्विक ग्राहकों को सेवाएं दे सकेंगी।
बजट प्रस्ताव के तहत, भारत में डेटा सेंटर सेवाओं का लाभ उठाने वाली किसी भी विदेशी कंपनी को 2047 तक (20 वर्षों के लिए) कर अवकाश देने की बात कही गई है। इससे विदेशी कंपनियों की वैश्विक आय पर भारतीय अधिकारियों द्वारा कर लगाए जाने का डर दूर हो जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि चाहे कोई वैश्विक कंपनी भारत में अपना डेटा सेंटर स्थापित करे या किसी भारतीय डेटा सेंटर से सेवाएं ले, कर की व्यवस्था दोनों के लिए समान होगी। इससे बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी। इस समय भारत में प्रभावी कॉरपोरेट कर की दर 25.17 प्रतिशत है।
भारत के कुछ प्रमुख घरेलू डेटा सेंटर में नेक्सट्रा डेटा (एयरटेल की अनुषंगी), कंट्रोल्स डेटासेंटर, योट्टा इंफ्रास्ट्रक्टर और अदाणी कॉनेक्स शामिल हैं।
घरेलू डेटा सेंटर द्वारा वैश्विक संस्थाओं को दी गई सेवाओं और भारतीय ग्राहकों को क्लाउड सेवाओं की पुनर्विक्रय से होने वाले लाभ पर कॉरपोरेट कर लागू होगा। यदि डेटा सेंटर किसी विदेशी कंपनी की सहायक कंपनी या शाखा है, तो उस पर 15 प्रतिशत का ‘सेफ हार्बर’ मार्जिन लागू होगा और उसी के अनुसार कॉरपोरेट कर लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि यदि भारतीय इकाई द्वारा घोषित परिचालन लाभ 15 प्रतिशत है, तो कर अधिकारी बिना किसी विस्तृत जांच के इसे स्वीकार कर लेंगे।
सूत्रों का कहना है कि प्रभावी कर लगभग समान होगा, चाहे डेटा सेंटर किसी विदेशी कंपनी की सहायक कंपनी हो या किसी घरेलू इकाई द्वारा प्रवर्तित हो।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय

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