शेयर बाजार में तेजी लौटी; सेंसेक्स 325 अंक चढ़ा, निफ्टी भी मजबूत

शेयर बाजार में तेजी लौटी; सेंसेक्स 325 अंक चढ़ा, निफ्टी भी मजबूत

शेयर बाजार में तेजी लौटी; सेंसेक्स 325 अंक चढ़ा, निफ्टी भी मजबूत
Modified Date: March 20, 2026 / 05:58 pm IST
Published Date: March 20, 2026 5:58 pm IST

मुंबई, 20 मार्च (भाषा) स्थानीय शेयर बाजार में शुक्रवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स 326 अंक लाभ में रहा जबकि एनएसई निफ्टी 112 अंक चढ़ा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सूचना प्रौद्योगिकी और धातु कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी आई।

बाजार में एक समय अच्छी बढ़त देखने को मिली लेकिन ईंधन कीमतों में उछाल के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच दोनों मानक सूचकांकों ने बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया।

उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 325.72 अंक यानी 0.44 प्रतिशत चढ़कर 74,532.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,079.15 अंक यानी 1.45 प्रतिशत उछलकर 75,286.39 अंक तक पहुंच गया था।

इसी तरह, 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 112.35 अंक यानी 0.49 प्रतिशत बढ़कर 23,114.50 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 343 अंक यानी 1.49 प्रतिशत चढ़कर 23,345.15 अंक तक पहुंच गया था।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, एनटीपीसी और सन फार्मा प्रमुख रूप से लाभ में रहीं।

दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं।

इस बीच, प्रीमियम यानी ऊंची गुणवत्ता वाले पेट्रोल की कीमत में शुक्रवार को दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं को बेचे जाने वाले थोक डीजल के दाम में करीब 22 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच यह वृद्धि की गयी है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘संघर्ष कम करने और तेल एवं गैस ढांचे पर हमलों से बचने संबंधी सकारात्मक टिप्पणियों से बाजार में कुछ सुधार आया। हालांकि, युद्ध से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों की धारणा अब भी कमजोर बनी हुई है और सप्ताहांत से पहले निवेशक जोखिम लेने से बचे, इसलिए बढ़त सीमित रही।’’

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.88 प्रतिशत बढ़कर 110.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक और शोध विश्लेषक हरिप्रसाद के. ने कहा, “भारतीय शेयर बाजार में राहत भरी वापसी देखी गई। इसका मुख्य कारण पिछले कारोबार में बिकवाली के बाद सौदों को पूरा करने के लिए हुई लिवाली रही।”

मझोली कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.97 प्रतिशत चढ़ा, जबकि छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप में 0.32 प्रतिशत की गिरावट आई।

क्षेत्रवार सूचकांकों में बीएसई सार्वजनिक क्षेत्र बैंक सूचकांक 2.19 प्रतिशत उछला। इसके अलावा ‘फोकस्ड’ सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक 2.18 प्रतिशत, सूचना प्रौद्योगिकी 2.08 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवा 1.45 प्रतिशत, धातु 1.41 प्रतिशत और ऊर्जा सूचकांक 1.03 प्रतिशत चढ़े।

हालांकि, वित्तीय सेवाएं, निजी बैंक, बीएसई के 10 प्रमुख बैंक, रियल एस्टेट क्षेत्र और छोटे व मझोले निजी बैंकों से जुड़ा सूचकांक कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में रहे।

बीएसई में कुल 2,458 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,804 शेयरों में गिरावट रही। वहीं 170 शेयर अपरिवर्तित रहे।

साप्ताहिक आधार पर बीएसई का प्रमुख सूचकांक 30.96 अंक यानी 0.04 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी 36.6 अंक यानी 0.15 प्रतिशत फिसला।

एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग नुकसान में रहे। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद थे।

यूरोप के बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी का रुख था। जबकि अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 7,558.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,863.96 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 2,496.89 अंक टूटकर 74,207.24 अंक पर बंद हुआ था। यह जून 2024 के बाद इसकी एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी। वहीं निफ्टी 775.65 अंक लुढ़ककर 23,002.15 अंक पर रहा था।

भाषा योगेश रमण

रमण


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