गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्लास्टिक पुनर्चक्रण में आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करें: सचिव

गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्लास्टिक पुनर्चक्रण में आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करें: सचिव

गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्लास्टिक पुनर्चक्रण में आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करें: सचिव
Modified Date: July 2, 2026 / 08:59 pm IST
Published Date: July 2, 2026 8:59 pm IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग के सचिव तेजवीर सिंह ने कहा कि भारत प्लास्टिक पुनर्चक्रण में दुनिया के अगुवा देशों में से एक है, लेकिन गुणवत्ता और मूल्यवर्धन को बेहतर बनाने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने की जरूरत है।

ऑल इंडिया प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एआईपीएमए) की एक प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने उद्योग से पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के मामले में दुनिया के सबसे अच्छे तरीकों को अपनाने के लिए भी कहा।

सिंह ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से आरएंडडी (शोध एवं विकास) पर ज्यादा ध्यान देने और सरकारी योजनाओं की मदद लेने के लिए कहा।

एआईपीएमए राजधानी में प्लास्टिक पुनर्चक्रण और टिकाऊपन पर अपना तीसरा वैश्विक सम्मेलन (जीसीपीआरएस 2026) आयोजित कर रहा है। चार दिन के इस सम्मेलन और प्रदर्शनी में प्लास्टिक पुनर्चक्रण मूल्य श्रृंखला से जुड़े उद्योग के अगुवा लोगों, नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों और अंशधारक एक साथ आए हैं।

सचिव ने उद्योग से पर्यावरण और सेहत से जुड़ी चिंताओं के प्रति सतर्क रहने और इस मुद्दे को प्रमाण पर आधारित नजरिये से देखने के लिए कहा।

सिंह ने कहा, ‘‘हालांकि यह सच है कि पुनर्चक्रण के मामले में – यानी कितना प्लास्टिक ‘रीसाइकिल’ किया जा रहा है – भारत दुनिया के अगुवा देशों में से एक है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें ज्यादा मूल्यवर्धन और गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है। आगे चलकर हमारा मुख्य ध्यान यही होना चाहिए।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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