बस्तर में 16 परिवार के 81 लोगों की घर वापसी, मिशनरियों के इशारे पर आदिवासियों का धर्मांतरण के आरोप
conversion of tribals: जगदलपुर के लोहंडीगुड़ा ब्लॉक अंतर्गत कस्तुरपाल में मडियाकरटॉमी समाज के करीब 16 परिवार के 81 सदस्यों ने मूल संस्कृति और सनातन धर्म में वापसी की है।
conversion of tribals: जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के बाद अब घर वापसी का कार्यक्रम जोर शोर से चल रहा है। बीते दिन पंडित धीरेंद्र शास्त्री की सभा में जहां करीब एक हजार लोगों ने घर वापसी की थी वहीं अब बस्तर में भी बड़ी संख्या में एक साथ घर वापसी का मामला सामने आया है। बस्तर में इतनी बड़ी संख्या में मूल धर्म में वापसी का यह पहला मामला है।
जगदलपुर के लोहंडीगुड़ा ब्लॉक अंतर्गत कस्तुरपाल में मडियाकरटॉमी समाज के करीब 16 परिवार के 81 सदस्यों ने मूल संस्कृति और सनातन धर्म में वापसी की है। इस दौरान गांव के पुजारी, पटेल, माझी, चालकी, कोटवार, सरपंच सहित गांव के तमाम लोग मौजूद रहे। धर्मांतरण को रोकने बस्तर में संस्कृति सुरक्षा मंच लगातार गांव गांव में जन जागरण अभियान चला रहा है।
विगत दिनों नारायणपुर से दंतेवाड़ा तक यात्रा भी बस्तर संस्कृति सुरक्षा मंच के माध्यम से निकाली गई थी। उसी विषय में बस्तर संस्कृति सुरक्षा मंच के संभाग संयोजक का कहना है कि मिशनरियों के इशारे पर आदिवासियों का धर्मांतरण किया गया था और उनके हिंदू न होने का भ्रम भी पैदा किया जा रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए संस्कृति सुरक्षा मंच लगातार गांव-गांव में पहुंचकर लोगों को जन जागरण कर उन्हें अपने मूल संस्कृति और सनातन धर्म में वापस लौटने की अपील कर रहा है और उनकी मदद कर रहा है।

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