विपक्षी पार्टियों को तोड़ने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है भाजपा: वेणुगोपाल

विपक्षी पार्टियों को तोड़ने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है भाजपा: वेणुगोपाल

विपक्षी पार्टियों को तोड़ने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है भाजपा: वेणुगोपाल
Modified Date: June 25, 2026 / 04:58 pm IST
Published Date: June 25, 2026 4:58 pm IST

रायपुर, 25 जून (भाषा) कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर नेताओं को दल-बदल करवाकर तथा विपक्षी पार्टियों को तोड़कर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ऐसे कामों के खिलाफ मजबूती से लड़ेगी।

रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बात करते हुए वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी चुनावी समर्थन के बजाय राजनीतिक चालों से अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

संवाददाताओं ने जब वेणुगोपाल से विपक्षी सांसदों और विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, ‘आप देख सकते हैं कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में क्या हुआ था। मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई मामला नहीं होने के बावजूद उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। वे सांसदों को तोड़ने और पार्टियों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘उन्होंने टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) से 20 सांसद और शिवसेना (यूबीटी) से छह सांसद लिये। वे पार्टियों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) सहित कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं को दल-बदल के लिए उकसाया है।

उन्होंने कहा, ‘यह देश में अघोषित आपातकाल जैसा है। वे देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और लोकतंत्र को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस इसके खिलाफ मजबूती से लड़ेगी।’

वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस प्रशिक्षण कार्यक्रम और संगठनात्मक बदलाव के जरिए बूथ स्तर से ऊपर तक अपने संगठन को मजबूत कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘हमारा संगठनात्मक ढांचा जमीनी स्तर पर बेहतर हो रहा है। हमारे पास समर्पित और प्रशिक्षित कार्यकर्ता हैं। हम इस लोकतंत्र-विरोधी और संविधान-विरोधी भाजपा तथा नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ लड़ने जा रहे हैं।’

उन्होंने दावा किया, ‘उनका इरादा बिल्कुल साफ है। वे सीधे वोटों से चुनाव नहीं जीत सकते। वे पिछले संसद सत्र में परिसीमन विधेयक पारित कराने में पूरी तरह नाकाम रहे। अब वे संसद में इस तरह के विधेयक पारित कराना चाहते हैं, जिसके लिए वे राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने और सांसदों को अपने पाले में करने की कोशिश कर रहे हैं।’

अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चंदे में अनियमितता के आरोपों पर वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा से जवाब मांगा। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘वे धर्म और भगवान की बात करते हैं। राम मंदिर में क्या हुआ? प्रधानमंत्री इसके लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें जनता को इस बारे में बताना चाहिए। अगर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर आरोप हैं, तो भाजपा को अपना रूख साफ करना चाहिए।’

उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘लोग बेरोजगारी और महंगाई की मार झेल रहे हैं। नीट समेत परीक्षा प्रक्रियाओं को लेकर चिंताएं रही हैं। ये ऐसे मुद्दे हैं जो लोगों पर असर डाल रहे हैं।’

एनसीईआरटी की कक्षा नौ की पाठ्यपुस्तक में ‘आपातकाल’ का अध्याय शामिल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर, वेणुगोपाल ने भाजपा पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘उन्हें सिर्फ बांटने वाली राजनीति में दिलचस्पी है। वे पाठ्यक्रम बदलकर भारत के इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।’

उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भी आलोचना की और उन पर नीट और सीबीएसई परीक्षाएं ठीक से आयोजित न कर पाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘सरकार परीक्षाएं सुचारू रूप से आयोजित नहीं कर पा रही है और साथ ही धर्म और गलत इतिहास के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। यह स्वीकार्य नहीं है।’

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े जमीन घोटाले के आरोपों पर वेणुगोपाल ने कहा, ‘मोहन यादव भाजपा के भ्रष्टाचार और जमीन हड़पने की प्रवृत्ति का प्रतीक बन गए हैं। उन्हें इन सवालों का जवाब देना होगा।’

वेणुगोपाल रायपुर जिले के अभनपुर में राज्य के जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए पार्टी द्वारा जारी प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ आए थे।

उन्होंने कहा, ‘हमने पहले ही नौ राज्यों में प्रशिक्षण शिविर पूरे कर लिए हैं और अन्य राज्यों में भी यह प्रक्रिया जारी रखेंगे।’

भाषा संजीव अमित

अमित


लेखक के बारे में