सीएजी ने स्वास्थ्य कर्मियों की कमी, चिकित्सा खरीद में अनियमितताओं को किया उजागर

सीएजी ने स्वास्थ्य कर्मियों की कमी, चिकित्सा खरीद में अनियमितताओं को किया उजागर

सीएजी ने स्वास्थ्य कर्मियों की कमी, चिकित्सा खरीद में अनियमितताओं को किया उजागर
Modified Date: July 28, 2024 / 12:07 am IST
Published Date: July 28, 2024 12:07 am IST

रायपुर, 27 जुलाई (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने छत्तीसगढ़ में सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों की कमी तथा दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में अनियमितताओं को उजागर किया है।

विधानसभा में शुक्रवार को मार्च 2022 को समाप्त वर्ष के लिए भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का लोक स्वास्थ्य अधोसंरचना एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर निष्पादन लेखापरीक्षा पटल पर रखा गया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग में स्वीकृत 74,797 पदों के मुकाबले जनशक्ति की उपलब्धता में कुल मिलाकर 34 प्रतिशत (25,793) की कमी है।

हालांकि 2016-22 के दौरान राज्य के डॉक्टर जनसंख्या अनुपात (1: 2492) में सुधार हुआ था, लेकिन यह डब्ल्यूएचओ के मानदंड 1:1000 तथा राष्ट्रीय अनुपात 1:1456 से काफी पीछे था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जनसंख्या के आधार पर डॉक्टरों के पद समान रूप से स्वीकृत नहीं किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप जिलों में संचालक स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत डॉक्टरों की कमी रही।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 23 जिला अस्पतालों में स्वीकृत पदों के मुकाबले विशेषज्ञ डॉक्टरों (33 प्रतिशत), चिकित्सा अधिकारियों (चार प्रतिशत) और पैरामेडिक्स (13 प्रतिशत) की उपलब्धता में कमी थी। 172 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वीकृत पदों के मुकाबले विशेषज्ञ डॉक्टरों (72 प्रतिशत) और डॉक्टरों (15 प्रतिशत) की कमी थी।

राज्य के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वीकृत पदों के मुकाबले चिकित्सा अधिकारियों (32 प्रतिशत), स्टाफ नर्स (32 प्रतिशत) और पैरामेडिक्स (36 प्रतिशत) की कमी थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 4,996 उप स्वास्थ्य केंद्रों में स्वीकृत पदों के मुकाबले एएनएम (सहायक नर्स दाई) के 17 प्रतिशत पद रिक्त थे। 502 एसएचसी में, कोई एएनएम तैनात नहीं थी और इस प्रकार इन एसएचसी में गर्भवती महिलाओं को आवश्यक मातृत्व सेवाएं प्रदान नहीं की जा सकी।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के तहत दवाओं, औषधियों और उपकरणों की सभी खरीद और आपूर्ति के लिए 2010 में छत्तीसगढ़ राज्य चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (सीजीएमएससीएल) की स्थापना एक केंद्रीकृत नोडल एजेंसी के रूप में की थी।

2016-22 के दौरान, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने 3,753.18 करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं, दवाओं और उपकरणों की खरीद की थी। एक केंद्रीकृत खरीद एजेंसी होने के बावजूद, 2016-22 के दौरान कुल खरीद के 26.79 से 50.65 प्रतिशत तक दवाओं, औषधियों और उपभोग्य सामग्रियों की खरीद स्थानीय खरीद (विकेंद्रीकृत खरीद) के माध्यम से की गई थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सीजीएमएससीएल छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम (सीजीएसपीआर) के अनुरूप खरीद मैनुअल तैयार करने में विफल रहा, जिसके कारण कई मामलों में सीजीएसपीआर का उल्लंघन करते हुए खरीदारी की गई।

रिपोर्ट के अनुसार सीजीएमएससीएल द्वारा दर अनुबंधों (आरसी) के लिए अंतिम रूप दिए गए कुल 278 निविदाओं में से 165 निविदाओं को 2016-22 के दौरान तीन से 694 दिनों की देरी से अंतिम रूप दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति में देरी हुई। अंतिम रूप देने में देरी के परिणामस्वरूप दवाओं की स्थानीय खरीद अधिक दरों पर हुई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आवश्यक बुनियादी ढांचे की आवश्यकता/उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना उपकरण खरीदे गए, जिसके परिणामस्वरूप 49.68 करोड़ रुपये के उपकरण बेकार हो गए। इसमें कहा गया है कि 23.98 करोड़ रुपये की दवाएं ब्लैक लिस्टेड फर्मों से खरीदी गईं।

इसमें कहा गया है कि दवाओं की सामग्री प्रबंधन प्रणाली में कमी थी क्योंकि सीजीएमएससीएल ने अपने गोदामों में उपलब्ध स्टॉक, पिछली खपत और भविष्य की आवश्यकता पर विचार किए बिना खरीद आदेश दिए, जिसके परिणामस्वरूप 33.63 करोड़ रुपये की दवाएं एक्सपायर हो गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सीजीएमएससीएल ने कोविड समिति की सिफारिश के बिना 23.13 करोड़ रुपये की कोविड-19 संबंधित वस्तुओं की खरीद की थी, जो अनियमित था।

सीएजी की रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है और (पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान) दवाओं और उपकरणों की कुछ खरीद में अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

उन्होंने शुक्रवार को कहा, ‘सीएजी रिपोर्ट एक सतत प्रक्रिया है। यह रिपोर्ट वर्ष 2022 तक की है, हमारी सरकार के पिछले छह महीनों की नहीं। यदि कांग्रेस कहती है कि अनियमितताएं हैं तो यह अच्छा है क्योंकि रिपोर्ट उनके कार्यकाल की है।’

मंत्री ने कहा, ”रिपोर्ट में खरीद :दवाओं: में अनियमितताओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के बारे में बात की गई है। मैं इन सभी बातों से सहमत हूं और कहना चाहता हूं कि रिपोर्ट आने से पहले ही डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती शुरू हो गई थी। हमने आपके (मीडिया) माध्यम से प्रकाश में आई कुछ विशेष दवाओं और उपकरणों की खरीद में अनियमितताओं के संदेह की जांच भी शुरू कर दी है। मैं सीएजी को धन्यवाद देता हूं क्योंकि उनकी रिपोर्ट आरोपों की जांच करने में हमारी सहायता करेगी।”

भाषा संजीव शोभना

शोभना


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