छत्तीसगढ़ के मंत्रियों ने बलौदाबाजार में हुई हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया

छत्तीसगढ़ के मंत्रियों ने बलौदाबाजार में हुई हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया

छत्तीसगढ़ के मंत्रियों ने बलौदाबाजार में हुई हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया
Modified Date: June 11, 2024 / 11:16 pm IST
Published Date: June 11, 2024 11:16 pm IST

रायपुर, 11 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में धार्मिक स्तंभ को नुकसान पहुंचाने के विरोध में सोमवार को सतनामी समाज के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के एक दिन बाद, मंगलवार को राज्य के दो मंत्रियों ने कांग्रेस नेताओं पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया।

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने मंगलवार शाम यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सतनामी समाज के प्रदर्शन तथा आगजनी और लूट की घटना में कुछ विधायकों सहित कांग्रेस के नेता शामिल थे।

बघेल ने कहा, ‘कार्यक्रम (विरोध प्रदर्शन) में कुछ लोगों ने सतनामी समाज को बदनाम करने के लिए आगजनी, लूट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध किए, जो निंदनीय है। सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। असामाजिक तत्वों ने करीब 150 दोपहिया और चार पहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया।’

बघेल ने कहा, ”प्रदर्शन में पूर्व मंत्री गुरु रुद्र कुमार, निवर्तमान विधायक देवेंद्र यादव और कविता प्राणलहरे समेत कांग्रेस के नेता शामिल हुए। उन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आगजनी और लूट की घटना को बढ़ावा दिया। यह घटना कांग्रेस की सोची-समझी साजिश का नतीजा है। विष्णुदेव साय सरकार को बदनाम करने की नापाक कोशिश की गई।”

मंत्री ने कहा, ”इसमें भीम आर्मी जैसी बाहरी विचारधारा का भी सहारा लिया गया। कंपोजिट बिल्डिंग (जिसमें जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य कार्यालय हैं) को जला दिया गया और तीन दमकल वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। इस घटना में करीब 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए और मीडियाकर्मियों से भी मारपीट की गई। आम लोगों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। संपत्ति की रजिस्ट्री कराने बलौदाबाजार रजिस्ट्री अधिकारी के पास आए लोगों से लाखों रुपए भी लूट लिए गए।”

उन्होंने कहा, ‘शांति और भाईचारे का संदेश देने वाले सतनामी समाज द्वारा ऐसा अपराध कभी नहीं किया जा सकता। इस पूरी घटना के पीछे राजनीतिक साजिश है।’

मंत्री बघेल ने आरोप लगाया कि यह दुखद घटना कांग्रेस की साजिश के कारण हुई है, जो केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। किसी ने नहीं सोचा था कि कांग्रेस राजनीति के लिए इतने निचले स्तर पर गिर सकती है।

मंत्री ने बताया कि घटना के सिलसिले में अब तक आगजनी करने वाले 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इस वर्ष 15 और 16 मई की रात को जिले के गिरौदपुरी धाम में पवित्र अमर गुफा के करीब सतनामी समुदाय द्वारा पूजे जाने वाले पवित्र प्रतीक ‘जैतखाम’ या ‘विजय स्तंभ’ को अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया था।

पुलिस ने बाद में इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। घटना के विरोध में सतनामी समाज ने सोमवार को यहां दशहरा मैदान में प्रदर्शन और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने का आह्वान किया था।

विरोध प्रदर्शन के दौरान आगजनी और पथराव होने के बाद बलौदाबाजार-भाटापारा जिला प्रशासन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत 16 जून तक बलौदाबाजार शहर में चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है।

मंत्री बघेल ने कहा कि जैतखाम घटना की न्यायिक जांच के आदेश से समुदाय संतुष्ट है और वे सोमवार को मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए थे।

बलौदाबाजार-भाटापारा के पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने बताया कि सोमवार की घटना के संबंध में सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और आगजनी में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस की 12 टीमें गठित की गई हैं।

कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, विरोध प्रदर्शन की वीडियोग्राफी और मीडियाकर्मियों सहित अन्य स्रोतों से प्राप्त वीडियो फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी और अन्य की पहचान की जा रही है।

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज देर शाम अपने आधिकारिक आवास पर सतनामी समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और घटना के बारे में चर्चा की।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने बलौदाबाजार जिले की घटना के संबंध में सतनामी समाज के प्रमुखों से कहा है कि बाबा गुरू घासीदास का संदेश समाज में शांति और सद्भाव का रहा है। आप सबकी भी जिम्मेदारी है कि समाज भ्रमित न हो और शांति स्थापित करने की दिशा में साथ मिलकर आगे बढ़े।

अधिकारियों ने बताया कि सतनामी समाज प्रमुखों ने कहा कि समाज के सभी लोग घटना से आहत हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की कार्रवाई की है, वे असामाजिक तत्व थे और हमारे प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं थे। शांति और सौहार्द्र स्थापित करने के लिए हम सब दृढ़संकल्पित है।

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि मंत्री अपनी सरकार की विफलता को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार शाखा के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, ”अपनी सरकार कि असफलता और नाकामी पर पर्दा डालने के लिए मंत्री कांग्रेस पर अनर्गल आरोप लगा रहे। लगभग एक महीने पहले पवित्र ‘जैतखाम’ के साथ तोड़फोड़ असमाजिक तत्वों ने की तभी से समाज आक्रोशित था। लोग जांच कि मांग कर रहे थे। वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई चाह रहे थे, सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की। बड़ी संख्या मे लोग इकट्ठा होने वाले थे, सरकार को सूचना थी फिर सतर्कता क्यों नहीं बरती गयी।”

शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार इस अप्रिय घटना के लिए जवाबदेह है सरकार सजग होती तो यह अप्रिय घटना नहीं घटती।

इससे पहले दिन में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और मुख्यमंत्री साय को बलौदाबाजार की घटना की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।

भाषा

संजीव, रवि कांत रवि कांत


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