शह मात The Big Debate: ‘आदिवासी’.. कौन सगा.. किसने ठगा? बिरसा मुंडा की जयंती पर राजनीति! आखिर किसने छीना आदिवासियों का हक?

'आदिवासी'.. कौन सगा.. किसने ठगा? बिरसा मुंडा की जयंती पर राजनीति! Chhattisgarh News: Politics on Birsa Munda's birth anniversary

शह मात The Big Debate: ‘आदिवासी’.. कौन सगा.. किसने ठगा? बिरसा मुंडा की जयंती पर राजनीति! आखिर किसने छीना आदिवासियों का हक?

Chhattisgarh News : Image Source- ibc24

Modified Date: November 16, 2025 / 12:02 am IST
Published Date: November 15, 2025 11:58 pm IST

रायपुरः Chhattisgarh News एक नवंबर से 15 नवंबर तक भाजपा देशभर में जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा मना रही है। भगवान बिरसा मुंडा की जन्म के 150वें वर्ष पर बीजेपी सरकार ने पूरे देश में की बड़े आयोजन किए। यहां छत्तीसगढ़ में CM विष्णुदेव साय भी दिनभर कई आयोजनों के मंच पर पहुंचे। PM और CM दोंनों ने बीजेपी को आदिवासियों का सच्चा हितैषी बताया तो कांग्रेस को आयोजन की श्रृंखला और दावा जरा भी रास नहीं आया। उसने बीजेपी पर छलावे और सियासी नौटंकी करने का आरोप लगाया। सवाल है आखिर बिरसा मुंडा की जयंती के बहाने आदिवासी हित पर क्यों टकरा रही है, बीजेपी और कांग्रेस?

Chhattisgarh News बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में पूरे जोश के साथ जनजातीय गौरव दिवस मनाया। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर में बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम में शिरकत की। CM ने समाज के लोगों के लिए कई योजनाओं को शुरू किया। विशेष लाभार्थी शिविर आयोजित हुए। आदिवासी गौरव दिवस पखवाड़ा के तहत हो रहे इन सरकारी आयोजनों में मुख्यमंत्री के साथ-साथ साय कैबिनेट के बाकी मंत्री, विधायक और सांसद भी जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए।

भाजपा सरकार इन कार्यक्रमों को कांग्रेस ने कोरी नौटंकी बताया। पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया कि आदिवासियों के हक के जल जंगल, जमीन को सरकार बेचकर उद्योपतियों को दे रही है। आदिवासी सम्मान केवल दिखावा है। जवाब में प्रदेश में डिप्टी CM ने पलटवार किया, कहा कि कांग्रेस सरकार के वक्त आदिवासियों के साथ खुला अन्याय हुआ। डरी हुई कांग्रेस चाहती ही नहीं कि आदिवासी समाज तरक्की करे, आगे बढ़े। असल में चुनावी पॉलिटिक्स में आदिवासियों का सगा बनने की होड़ समझ आती है, पर मुद्दा ये है कि किसने आदिवासियों का हक छीनकर ठगा है। सवाल ये है कि नजर आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन पर है या उनके लिए विकास के रास्ते खुलना खटकने लगा है?

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।