शराब घोटाले में उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने के अगले दिन कांग्रेस विधायक लखमा जेल से छूटे
शराब घोटाले में उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने के अगले दिन कांग्रेस विधायक लखमा जेल से छूटे
रायपुर, चार फरवरी (भाषा) कथित शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में उच्चतम न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत दिए जाने के एक दिन बाद, कांग्रेस विधायक एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को बुधवार को रायपुर केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया।
लखमा को सबसे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 जनवरी, 2025 को इस कथित घोटाले की धनशोधन जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में जेल में थे।
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कथित शराब घोटाले के सिलसिले में ईडी और छत्तीसगढ़ के भ्रष्टाचार-रोधी ब्यूरो (एसीबी)/आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा अलग-अलग दर्ज मामलों में उन्हें अंतरिम जमानत दे दी।
जेल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने लखमा का स्वागत किया एवं उनके समर्थन में नारे लगाए। विपक्षी विधायक लखमा ने बाद में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
लखमा ने संवाददाताओं से बातचीत में न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह आदिवासियों, किसानों एवं गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे, क्योंकि वह ‘जल, जंगल और जमीन’ की रक्षा के लिए कटिबद्ध है।
एसीबी/ईओडब्ल्यू ने लखमा को कथित घोटाले में भ्रष्टाचार की जांच से जुड़े एक मामले में पिछले साल 24 सितंबर को गिरफ्तार किया था, जब वह पहले से ही धनशोधन के आरोपों में न्यायिक हिरासत में था।
ईडी के अनुसार, कथित शराब घोटाला 2019 एवं 2022 के बीच हुआ, जब राज्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। लखमा बघेल मंत्रिमंडल में आबकारी मंत्री थे।
एसीबी/ईओडब्ल्यू ने दावा किया था कि यह घोटाला 3500 करोड़ रुपये से अधिक का है। ईडी के अनुसार, इस घोटाले से शराब सिंडिकेट को फायदा हुआ है, जबकि सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ।
भाषा राजकुमार सुरेश
सुरेश

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