छत्तीसगढ़ में कड़ी सुरक्षा के बीच 11 लोकसभा सीट के लिए 33 केंद्रों पर मतगणना शुरू

छत्तीसगढ़ में कड़ी सुरक्षा के बीच 11 लोकसभा सीट के लिए 33 केंद्रों पर मतगणना शुरू

छत्तीसगढ़ में कड़ी सुरक्षा के बीच 11 लोकसभा सीट के लिए 33 केंद्रों पर मतगणना शुरू
Modified Date: June 4, 2024 / 08:15 am IST
Published Date: June 4, 2024 8:15 am IST

रायपुर, चार जून (भाषा) छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीट के लिए राज्य के 33 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को मतगणना शुरू हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित है तथा उसे उम्मीद है कि पार्टी इस चुनाव में जीत बरकरार रखेगी। वहीं कांग्रेस अपनी स्थिति में सुधार करने की उम्मीद कर रही है।

राज्य की 11 लोकसभा सीट पर 72.8 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसके लिए 19 अप्रैल, 26 अप्रैल और सात मई को तीन चरणों में मतदान संपन्न हुआ।

अधिकारियों ने बताया, ‘‘मतगणना मंगलवार को सुबह आठ बजे से राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में एक-एक केंद्र पर शुरू हुई।’’

उन्होंने बताया कि पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी तथा डाक मतपत्रों की गिनती के आधे घंटे बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से मतों की गिनती की प्रक्रिया शुरू होगी।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में मतगणना के लिए 94 हॉल स्थापित किए गए हैं जिनमें विधानसभा क्षेत्र रामानुजगंज, सामरी, कोंडागांव और केशकाल में दो-दो और शेष सभी 86 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक हॉल में मतगणना की जाएगी।

उन्होंने बताया, ‘‘ग्यारह लोकसभा क्षेत्रों के अधीन आने वाले 90 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए 11 निर्वाचन अधिकारी, 476 सहायक निर्वाचन अधिकारी, 4362 गणनाकर्मी और 1671 सूक्ष्म पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा 42 गणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।’’

अधिकारी ने बताया कि 84 विधानसभा क्षेत्रों में 14 टेबल पर और छह विधानसभा क्षेत्रों में 21 टेबल पर मतगणना होगी। जशपुर विधानसभा क्षेत्र (रायगढ़ लोकसभा सीट), बिल्हा और मस्तूरी विधानसभा क्षेत्रों (बिलासपुर लोकसभा) में सबसे अधिक 24 राउंड में मतों की गिनती होगी, जबकि मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट (कोरबा लोकसभा) में सबसे कम 12 राउंड में मतों की गिनती होगी।

उन्होंने बताया कि मतगणना केन्द्रों में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां प्रत्येक स्तर पर पहचान पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।

राज्य सरकार में मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और तीन निवर्तमान सांसद सहित 220 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज होगा।

राज्य में 2004 से 2014 तक तीन आम चुनावों में भाजपा ने कुल 11 में से 10 सीट जीती थीं। वर्ष 2019 के चुनावों में, भाजपा ने नौ और कांग्रेस ने दो सीट जीतीं।

राज्य की रायपुर सीट पर भाजपा नेता एवं मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का मुकाबला कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय से है। राजनांदगांव सीट पर भाजपा के निवर्तमान सांसद संतोष पांडेय का मुकाबला कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा विधायक भूपेश बघेल से है।

कोरबा सीट पर भाजपा ने अपनी महिला नेता एवं पूर्व सांसद सरोज पांडेय को कांग्रेस की निवर्तमान सांसद एवं विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की पत्नी ज्योत्सना महंत के खिलाफ मैदान में उतारा है।

दुर्ग में कांग्रेस ने निवर्तमान भाजपा सांसद विजय बघेल के खिलाफ एक नए चेहरे राजेंद्र साहू को उतारा है। वहीं, बस्तर सीट पर सीधी लड़ाई कांग्रेस के नेता कवासी लखमा और भाजपा के नए चेहरे महेश कश्यप के बीच है।

बिलासपुर सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक देवेंद्र यादव को मैदान में उतारा है जबकि भाजपा ने पूर्व विधायक तोखन साहू को प्रत्याशी बनाया है।

अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट जांजगीर-चांपा में राज्य के पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार महिला नेता कमलेश जांगड़े से है।

सरगुजा में भाजपा के चिंतामणि महाराज का मुकाबला कांग्रेस के नए चेहरे शशि सिंह के साथ है। महाराज पिछले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

आदिवासी बहुल रायगढ़ में भाजपा के राधेश्याम राठिया का मुकाबला कांग्रेस की डॉ. मेनका देवी सिंह से है।

सत्ताधारी भाजपा ने महासमुंद और कांकेर सीट पर अपने निवर्तमान सांसदों की टिकट काट दी है तथा क्रमशः रूपकुमारी चौधरी और भोजराज नाग को मैदान में उतारा है। चौधरी और नाग पूर्व विधायक हैं।

विपक्षी कांग्रेस ने महासमुंद में राज्य के पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और कांकेर सीट पर अनुभवी नेता बीरेश ठाकुर को मैदान में उतारा है।

भाषा संजीव खारी

खारी


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