छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश, शहरों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश, शहरों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश, शहरों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
Modified Date: July 6, 2026 / 04:44 pm IST
Published Date: July 6, 2026 4:44 pm IST

रायपुर, छह जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है तथा कई नदियां उफान पर हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।

राज्य में शनिवार शाम से हो रही बारिश ने रायपुर, दुर्ग, भिलाई, धमतरी, गरियाबंद और अन्य शहरों में जनजीवन प्रभावित किया है, जहां कई रिहायशी कॉलोनियों और सड़कों पर पानी भरा हुआ है।

अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद, राज्य के किसी भी हिस्से से बाढ़ जैसी स्थिति की कोई सूचना नहीं मिली है।

उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण शिवनाथ, सोंढुर और खारून सहित कई नदियां उफान पर हैं।

रायपुर में टाटीबंध, प्रोफेसर कॉलोनी, परशुराम नगर और फाफाडीह जैसे निचले इलाकों में घरों के अंदर पानी घुस गया, जबकि कई सड़कों में जल भराव के कारण यातायात बाधित हुआ।

राज्य में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में घरों के बाहर खड़ी कारें आंशिक रूप से डूब गईं और पानी पहियों तक पहुंच गया, जिससे निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने सोमवार को प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों की समीक्षा की।

पड़ोसी शहरों दुर्ग और भिलाई में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश के कारण सुपेला कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर और तालपुरी सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया। कई सड़कों के डूबे रहने के कारण वाहनों की आवाजाही काफी धीमी रही।

दुर्ग पुलिस ने यात्रियों के लिए एक सूचना जारी कर रायपुर-दुर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुम्हारी ओवरब्रिज के करीब चंदनडीह में भारी जलभराव की जानकारी दी है। यहां वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

पुलिस ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के कारण सिरसा गेट रोड बंद है और इसे वैकल्पिक रास्ते के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

अधिकारियों ने बताया कि शिवनाथ नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और दुर्ग जिले में महामारा एनीकट में लगभग चार फुट ऊपर पानी बह रहा है।

दुर्ग में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कमांडेंट नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि लोगों को नदियों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है।

उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ के दलों को सतर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि पानी का स्तर और बढ़ने पर नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि गरियाबंद जिले में, रविवार को बिजापाल गांव के पास उफनती बगनई नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने से फंसे 14 मजदूरों को पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने सुरक्षित बचा लिया।

उन्होंने बताया कि ये मजदूर एक पुल के निर्माण कार्य में लगे थे और पुल के नीचे बनी अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे थे। उन्होंने बताया कि रात भर हुई भारी बारिश के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ गया और जब वे सो रहे थे, तब वहां फंस गए।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को एक अलग बचाव अभियान में एसडीआरएफ के दल ने 14 मजदूरों (जिनमें चार महिलाएं भी शामिल थीं) को सुरक्षित निकाला। अधिकारियों ने बताया कि ये मजदूर महासमुंद जिले के खल्लारी पुलिस थाना के अंतर्गत जोगीडीपा गांव में पुल निर्माण स्थल के पास फंस गए थे।

रायपुर में मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों से सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ में बारिश हो रही है।

मौसम केंद्र ने बताया कि इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले में एक-दो जगहों पर बहुत अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है।

विभाग ने कहा है कि रायपुर, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और राजनांदगांव जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

मौसम केंद्र ने बताया कि आठ जुलाई से पूरे राज्य में बारिश की तीव्रता और फैलाव में कमी आने की संभावना है।

भाषा सं संजीव नरेश दिलीप

दिलीप


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