Mahatari Vandana Yojana KYC: महतारी वंदन योजना की राशि पर संकट? इन महिलाओं ने नहीं करवाए ई-केवाईसी.. खाते हो सकते हैं होल्ड
Mahatari Vandana Yojana KYC: महतारी वंदन योजना की राशि पर संकट? इन महिलाओं ने नहीं करवाए ई-केवाईसी.. खाते हो सकते हैं होल्ड
Mahatari Vandana Yojana KYC/Image Source: IBC24 File
- सरगुजा में महतारी बंधन योजना पर बड़ा सवाल
- 2000 महिलाएं ई-केवाईसी से गायब
- -केवाईसी नहीं कराने वालों के खाते हो सकते हैं होल्ड
सरगुजा: Mahatari Vandana Yojana KYC: सरगुजा जिले में महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राहियों की ई-केवाईसी को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले में चल रहे ई-केवाईसी अभियान के दौरान करीब 2000 महिला हितग्राही ऐसी हैं, जो एक महीने बीत जाने के बाद भी ई-केवाईसी कराने नहीं पहुंची हैं। इसे लेकर विभाग ने आशंका जताई है कि ये महिलाएं पलायन कर चुकी हो सकती हैं।
ई-केवाईसी नहीं, तो पैसा नहीं! (Mahtari Vandhan Yojana Update)
Mahatari Vandana Yojana KYC: चौंकाने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा सिर्फ 14 हजार हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान सामने आया है, जबकि पूरे सरगुजा जिले में महतारी वंदन योजना के तहत करीब 2 लाख 30 हजार महिला हितग्राही पंजीकृत हैं। ऐसे में विभाग का कहना है कि आगे चलकर जिले के सभी हितग्राहियों की ई-केवाईसी कराई जाएगी। दरअसल, लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि बड़ी संख्या में हितग्राहियों की ई-केवाईसी नहीं होने के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी को लेकर जिले में लगभग 14 हजार हितग्राहियों की ई-केवाईसी का विशेष अभियान चलाया गया। लेकिन इस अभियान के दौरान करीब 2000 हितग्राही ऐसी रहीं, जिनका ई-केवाईसी नहीं हो सका।
सरगुजा में 2000 हितग्राही संदेह के घेरे में (Mahtari Vandana eKYC Process)
Mahatari Vandana Yojana KYC: विभाग का कहना है कि जो हितग्राही ई-केवाईसी कराने नहीं आ रही हैं, उनके पलायन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में विभाग संबंधित हितग्राहियों के खातों को होल्ड करने के साथ-साथ उनकी तलाश करने की प्रक्रिया भी शुरू करेगा। विभाग ने साफ किया है कि ई-केवाईसी पूरी होने के बाद ही योजना का लाभ दिया जाएगा। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में महिला हितग्राहियों का ई-केवाईसी नहीं हो पाना क्या योजना में किसी व्यवस्थागत खामी की ओर इशारा करता है, या फिर वाकई बड़ी संख्या में महिलाएं पलायन कर चुकी हैं। अब देखना होगा कि विभाग इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है, क्या ई-केवाईसी न कराने वाली महिलाओं को मिलने वाला लाभ रोका जाएगा और क्या जिले के सभी 2 लाख 30 हजार महिला हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया समय पर पूरी हो पाती है या नहीं।


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