Raipur : खंडहर में तब्दील हुआ राजधानी का ये स्कूल, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं बच्चे 

Raipur : खंडहर में तब्दील हुआ राजधानी का ये स्कूल : No toilet and electricity in Gudhiyari Primary School of Raipur

Raipur : खंडहर में तब्दील हुआ राजधानी का ये स्कूल, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं बच्चे 
Modified Date: November 29, 2022 / 08:59 pm IST
Published Date: October 12, 2022 12:05 am IST

रायपुरः छत्तीसगढ़ के बदहाल स्कूलों अंदाजा राजधानी रायपुर के स्कूलों को देखकर लगाया जा रहा है। राजधानी में ही बच्चे जर्जर भवन में जान हथेली पर लेकर पढ़ाई करने को मजबूर है। आलम यह है कि यहां न तो बिजली है और न ही शौचालय का इंतजाम।>>*IBC24 News Channel के WHATSAPP  ग्रुप से जुड़ने के लिए  यहां CLICK करें*<<

Read More : आदिवासियों के 32% आरक्षण का मामला, आदिवासी समाज ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, इधर सरकार ने भी तैयार किया वकीलों का पैनल

दरअसल, राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी के सरकारी प्राथमिक शाला की छत की प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ी हुई है। छत पर लंबी-लंबी दरारें आ गई है। नौनिहाल यहां डर के साये में पढ़ाई करते हैं। इस स्कूल में न तो पंखे हैं और ना ही लाइट की सुविधा है। यहां तक की बच्चों के लिए स्कूल में शौचालय तक नहीं है। स्कूल में व्यवस्था का दर्द बयां करते बच्चे और शिक्षक नहीं थकते हैं।

Read More :  भाई के साथ शराब पी रहा था युवक, तभी आ गई जमीन की याद, भाभी को उतारा मौत के घाट 

नगर निगम हर साल सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने 12 करोड़ खर्च करता है लेकिन ये रुपए कहां खर्च होते हैं। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इस मुद्दे पर अधिकारियों का तर्ज जुदा है। करीब 50 साल पुराना ये स्कूल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

 


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।