Vishnu Ka Sushasan: जन-जन का सपना हो रहा साकार.. विकसित न्यायधानी ले रहा आकार, छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा बिलासपुर, साय सरकार ने किए कई अहम प्रयास
जन-जन का सपना हो रहा साकार.. विकसित न्यायधानी ले रहा आकार, Sai Government Efforts for Bilaspur Development
रायपुरः Bilaspur Development: छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन दो वर्षों में साय सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास को प्राथमिकता देते हुए राज्य की राजनीति और शासन व्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास किया है। सत्ता संभालते ही सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया था कि उसका लक्ष्य “सुशासन और जनविश्वास” है, और बीते दो वर्षों के कामकाज को इसी कसौटी पर देखा जा रहा है। साय सरकार ने इन दो वर्षों में राज्य के हर कोने तक विकास की रोशनी पहुंचाई है। साय सरकार ने बिलासपुर की संभावना को देखते हुए वहां के विकास के कई कामों की नींव रखी है।
Bilaspur Development: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर राज्य का प्रमुख प्रशासनिक, न्यायिक और शैक्षणिक केंद्र है। विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने बिलासपुर को केवल एक जिला मुख्यालय नहीं, बल्कि आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से समन्वित विकास की नीति अपनाई है। साय सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे, यातायात, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के संतुलित विकास पर रहा है। शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सड़कों के चौड़ीकरण, नई सड़कों के निर्माण और जर्जर मार्गों के उन्नयन पर काम किया जा रहा है। फ्लाईओवर, अंडरब्रिज और यातायात सुधार योजनाओं के माध्यम से शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में ठोस प्रयास हुए हैं। स्मार्ट सिग्नल, सड़क सुरक्षा और पैदल यात्रियों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा बिलासपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सरकार ने बिलासपुर शहर को आने वाले दशक में राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनाने का संकल्प लिया है। बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएँ, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी।
निवेश के अनुकूल बन रहा न्यायधानी बिलासपुर
औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए बिलासपुर को निवेश के अनुकूल बनाने पर काम हो रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन तथा स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में पहल की गई है। इसके साथ ही व्यापार और सेवाक्षेत्र को मजबूत करने पर भी सरकार का ध्यान है। साय सरकार ने हरित और टिकाऊ विकास को भी समन्वित विकास का अहम हिस्सा बनाया है। शहर में पार्कों, हरित पट्टियों, तालाबों और जलाशयों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की नीति अपनाई गई है। कुल मिलाकर, साय सरकार के नेतृत्व में बिलासपुर शहर का विकास एकीकृत दृष्टिकोण के साथ किया जा रहा है, जिसमें बुनियादी सुविधाओं से लेकर सामाजिक और आर्थिक विकास तक सभी पहलुओं को जोड़ा गया है।
बजट में बिलासपुर को मिले 1000 करोड़
साय सरकार के प्रयासों से वर्ष 2025-2026 के बजट में बिलासपुर संभाग को 1000 करोड़ से अधिक की सौगात मिली है। इसमें सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नए भवन के निर्माण के लिए 700 करोड़ का प्रावधान है। शिक्षा विभाग के तहत पीजी हॉस्टल खुलेगा। नालंदा परिसर की तर्ज पर बिलासपुर सहित संभाग के कई शहरों लाइब्रेरी की स्थापना की जा रही है। पांच शक्तिपीठों के विकास के लिए 5 करोड़, इसके तहत महामाया मंदिर रतनपुर का विकास होगा। इसके अलावा कई और कार्यों के लिए राशि आवंटित की गई है।
सुदृढ़ हो रही बिलासपुर की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बिलासपुर को राज्य स्तरीय केंद्र के रूप में और मजबूत किया जा रहा है। सिम्स जैसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन, जिला अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया है। वहीं स्कूलों और महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के सुधार और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में इस वर्ष शैक्षणिक विस्तार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले वर्ष संस्थान में MD एवं MS की कुल 68 सीटें स्वीकृत थीं, वहीं इस सत्र में 21 नई सीटों की वृद्धि के साथ सिम्स में कुल सीट संख्या बढ़कर 89 हो गई है। इन सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।


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