छत्तीसगढ़ में जंगली हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत

छत्तीसगढ़ में जंगली हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत

छत्तीसगढ़ में जंगली हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:38 pm IST
Published Date: November 9, 2021 9:27 pm IST

कोरबा, नौ नवंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के सरगुजा और सूरजपुर ​जिले में जंगली हाथी के हमले में दो लोगों की मौत हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जंगली हाथी के हमले में सरगुजा जिले के नवापारा गांव निवासी चेतन राम राजवाड़े (60) और सूरजपुर जिले के पोढ़ी गांव निवासी समर साय (55) की मौत हो गई है।

read more: बीएचयू तस्वीर मामला : डीन ने जांच के लिये कमेटी गठित की, विभागाध्यक्ष से पक्ष रखने के लिये कहा

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग को जानकारी मिली है कि सोमवार सुबह सरगुजा जिले के अंबिकापुर वन परिक्षेत्र के नवापारा गांव निवासी राजवाड़े शौच के लिए जंगल की ओर गया था। इस दौरान एक जंगली हाथी वहां पहुंचा और उसने राजवाड़े को कुचलकर मार डाला। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि मृत ग्रामीण के परिजन को सहायता राशि प्रदान की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण पर हमला करने के बाद हाथी सोमवार को ही शाम करीब 6.30 बजे सूरजपुर जिले के पोढ़ी गांव पहुंच गया। इस दौरान ग्रामीण समर साय अपने परिवार के सदस्यों के साथ खेत में धान काटने गया था।

read more: यह कोई सर्कस या सिनेमा नहीं है : ऑनलाइन सुनवाई में बिना शर्ट शामिल हुए व्यक्ति पर नाराज हुई अदालत

उन्होंने बताया कि जब हाथी खेत में पहुंचा तब समर साय और उनका परिवार फसल काटने में व्यस्त था। जंगली हाथी को करीब आता देख परिवार के अन्य सदस्य वहां से भाग गए लेकिन साय भाग नहीं पाया। बाद में जंगली हाथी ने साय को कुचलकर मार डाला। उन्होंने बताया कि साय के परिजनों को तत्काल सहायता राशि 25 हजार रुपए दी गई। शेष 5.75 लाख रुपए सभी औपचारिकता पूरी होने के बाद दिए जाएंगे।

 


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com