युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें : मुख्यमंत्री साय
युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें : मुख्यमंत्री साय
रायपुर, 29 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को कहा कि युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
साय ने रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय ‘यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ में राज्यभर से आए छात्रों, युवा नवोन्मेषकों और स्टार्टअप उद्यमियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति राज्य के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के युवा केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमिता के बल पर रोजगार के नये अवसर पैदा करने वाले बनें।”
साय ने कहा, “विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं, नवोन्मेषकों और स्टार्टअप उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य सरकार युवाओं के विचारों को नवाचार और नवाचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए जरूरी माहौल, अवसंरचना, तकनीकी सहयोग और प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है।”
उन्होंने कहा, “आज का युवा केवल अवसर की प्रतीक्षा करने वाला नहीं है, बल्कि वह अपनी प्रतिभा से नये अवसर गढ़ने का सामर्थ्य रखता है। सरकार का दायित्व है कि ऐसे युवाओं के विचार को सही मंच, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और अनुकूल नीतिगत वातावरण मिले। इसी सोच के साथ राज्य में स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे नयी औद्योगिक नीति का गंभीरता से अध्ययन करें और उसमें उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में नये औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। एकल खिड़की प्रणाली के जरिये प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, ताकि उद्योग लगाने के इच्छुक युवाओं और निवेशकों को अलग-अलग कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।”
साय ने बताया कि नयी औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को अब तक लगभग 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि निवेश केवल प्रस्तावों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो चुका है।
इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.गिरीश चंदेल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, युवा उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
भाषा
संजीव पारुल
पारुल

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