पुलिसकर्मियों के अनुशासन और कल्याण को मॉनिटर करने डीजीपी अवस्थी ने गठित किया मॉनिटरिंग सेल, जानिए

पुलिसकर्मियों के अनुशासन और कल्याण को मॉनिटर करने डीजीपी अवस्थी ने गठित किया मॉनिटरिंग सेल, जानिए

पुलिसकर्मियों के अनुशासन और कल्याण को मॉनिटर करने डीजीपी अवस्थी ने गठित किया मॉनिटरिंग सेल, जानिए
Modified Date: November 29, 2022 / 08:26 pm IST
Published Date: March 29, 2019 10:45 am IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने पुलिसकर्मियों के अनुशासन एवं कल्याण को नियमित रूप से मॅानिटर करने के लिए प्रदेशस्तरीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) अशोक जुनेजा की अध्यक्षता में इस सेल का गठन किया गया है। इस सेल के सदस्यों में पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा एवं बस्तर होंगे। यह मॅानिटरिंग सेल पुलिस कर्मियों के अनुशासन में सुधार एवं कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में काम करेगा

मॉनिटरिंग सेल की बैठक पुलिस महानिदेशक ने ली गई और बैठक में यह तय किया गया कि इकाई स्तर पर कार्यक्रम शुरु किया जाएगा। इसके तहत इकाई प्रमुख एवं उनके अधिकारी अपने सभी कर्मचारी से प्रत्यक्ष रूप से मिलेंगे। वे कर्मचारी के अनुशासन के स्तर, उसकी समस्याएं एवं उसकी मानसिक स्थिति की जानकारी लेकर प्रत्येक कर्मचारी का प्रोफाईल तैयार करेंगे। इस दौरान कर्मचारी की जायज समस्याओं का निराकरण किया जाएगा और अनुशासनहीन कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जावेगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पुलिस कर्मियों की समस्याओं एवं उनके मानसिक तनाव के निराकरण के लिए पुलिस मुख्यालय में महिला एवं पुरूष पुलिस कर्मियों के लिए  अलग-अलग 2 ग्रिवान्स सेल ‘अनुग्रह’ के नाम से प्रारंभ किये जा रहे हैं। उप पुलिस महानिरीक्षक नेहा चम्पावत की अध्यक्षता में महिलाओं की समस्याओं के निराकरण के लिए एवं उप पुलिस महानिरीक्षक सुशीलचंद द्विवेदी की अध्यक्षता में पुरूष कर्मचारियों के लिए यह अनुग्रह सेल कार्य करेंगे।

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यह भी निर्णय लिया गया कि इसी तरह के अनुग्रह सेल जिला सहित सभी पुलिस इकाईयों एवं रेंज पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालयों में गठित होंगे। इनके माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं एवं उनके मानसिक उलझनों का निराकरण किया जा सकेगा। उक्त अनुग्रह सेल में कर्मचारियों के ट्रांसफर, पदोन्नति एवं नियुक्ति की समस्याओं को छोड़कर उनकी अन्य सभी प्रकार की पारिवारिक, विभागीय, व्यक्तिगत समस्याओं को सुना जावेगा एवं उन पर कार्रवाई की जाएगी ताकि कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर मानसिक तनाव एवं आत्मघाती निर्णयों से स्वयं को दूर रख सकें।


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