शरीर में दैवीय शक्ति आने के बाद महिलाओं ने बांटे ‘कोरोना जल’, ‘जल प्रसाद’ लेने उमड़ा हुजूम
शरीर में दैवीय शक्ति आने के बाद महिलाओं ने बांटे 'कोरोना जल', 'जल प्रसाद' लेने उमड़ा हुजूम
राजगढ़: कोरोना की दवा ढूंढने के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिक माथा पच्ची कर रहे हैं। लेकिन अंधविश्वास की लैब में कोरोना की दवा बनाई जा चुकी है। मामला मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के चाटूखेड़ा गांव का है। जहां गांव की दो महिलाओं ने अपने शरीर में दैविक शक्तियों का वास होना बताया। फिर वो कोरोना को खत्म करने के लिए जल का प्रसाद के रूप में वितरण करने लगीं।
वहीं, अफवाह के जोर पकड़ते ही कोरोना का जल लेने आसपास के इलाके से लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। संक्रमण के इस दौर में लोग बिना मास्क लगाए ही जल लेने दौड़ पड़े। इस दौरान कोरोना गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई गई।
पुलिस प्रशासन को जैसे ही मामले की जानकारी मिली। खुजनेर टीआई खुद मौके पर पहुंचे और अंधविश्वास फैलाने के जुर्म में 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। कोरोना से मुक्ति की ये युक्ति कहीं कोरोना के रूप में परिवर्तन न हो जाए। IBC24 की अपने दर्शकों से अपील है ऐसे अंधविश्वासों से दूर रहें। वैक्सीन जरूर लगवाएं और मास्क का उपयोग करें।
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