लद्दाख में पर्यावरण संरक्षण बल में 100 पूर्व सैनिक तैनात

लद्दाख में पर्यावरण संरक्षण बल में 100 पूर्व सैनिक तैनात

लद्दाख में पर्यावरण संरक्षण बल में 100 पूर्व सैनिक तैनात
Modified Date: July 4, 2026 / 06:27 pm IST
Published Date: July 4, 2026 6:27 pm IST

लेह, चार जुलाई (भाषा) लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अपनी तरह की प्रथम पहल के तहत शनिवार को 100 पूर्व सैनिकों को लद्दाख पर्यावरण संरक्षण बल (ईपीएफ) में तैनात किया गया।

पूर्व सैनिकों को उनके तैनाती स्थलों के लिए रवाना करने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाते हुए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि लद्दाख दुनिया के सबसे नाजुक उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक है और यहां कई संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजातियां पाई जाती हैं, जिन्हें सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यटन के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईपीएफ मानव गतिविधियों और पारिस्थितिकी संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा लोगों को केंद्रशासित प्रदेश में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रेरित करेगा।

सक्सेना ने कहा, ‘‘ईपीएफ हमारे पूर्व सैनिकों के अनुशासन, ईमानदारी और प्रतिबद्धता को इस नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए एक साथ लाता है। मुझे विश्वास है कि वे न केवल पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण संबंधी कानूनों के उल्लंघन को रोकेंगे, बल्कि लद्दाख में स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन के भी दूत बनेंगे।’’

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि लद्दाख पर्यावरण संरक्षण बल (ईपीएफ) को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इन पूर्व सैनिकों को उनके निर्धारित क्षेत्रों में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी नियमों के किसी भी उल्लंघन पर मौके पर ही चालान (जुर्माना) जारी करने का अधिकार दिया गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि ईपीएफ के प्रत्येक सदस्य को 25,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। उन्हें उनके गृह क्षेत्र या निर्धारित क्षेत्र के आसपास तैनात किया जाएगा, ताकि स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों से उनके परिचित होने का लाभ उठाते हुए प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

भाषा

राखी माधव

माधव


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