छत्तीसगढ़ के एक पशु बचाव केंद्र में आवारा कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत

छत्तीसगढ़ के एक पशु बचाव केंद्र में आवारा कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत

छत्तीसगढ़ के एक पशु बचाव केंद्र में आवारा कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत
Modified Date: March 22, 2026 / 07:03 pm IST
Published Date: March 22, 2026 7:03 pm IST

अंबिकापुर (छत्तीसगढ़), 22 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक पशु बचाव केंद्र में बाड़े के अंदर आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में 15 हिरणों की मौत हो गयी। अधिकारियों ने रविवार को बताया।

वन विभाग ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को अंबिकापुर के संजय वन वाटिका में हुई घटना के संबंध में कथित लापरवाही के आरोप में एक डिप्टी रेंजर और तीन वन रक्षकों सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

संजय वन वाटिका का प्रबंधन वन विभाग द्वारा किया जाता है और आगंतुकों को भी चिड़ियाघर जैसे इस परिसर के अंदर जाने की अनुमति है।

सरगुजा के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अभिषेक जोगावत ने बताया कि चार. पांच आवारा कुत्तों का एक झुंड पास के जंगल से पार्क में घुस आया और हिरणों के बाड़े को तोड़ दिया।

शनिवार को हुए हमले में चौदह हिरणों की मौत हो गयी जबकि गंभीर रूप से घायल एक जानवर की रविवार को मौत हो गयी। उन्होंने पुष्टि की कि ये मौतें कुत्तों के काटने से हुईं।

अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार जलाकर नष्ट कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि मुख्य वन संरक्षक (सुरगुजा सर्किल) दिलराज प्रभाकर ने कथित लापरवाही के आरोप में डिप्टी रेंजर अशोक सिन्हा तथा वन रक्षक ममता पोर्टे, प्रतिमा लाकरा और बिंदू सिंह को निलंबित कर दिया है।

अंबिकापुर के वन रेंजर अक्षपालक ऋषि को भी नोटिस जारी कर पांच दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है और ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।

जोगावत ने कहा, ‘इस घटना की जांच के लिए अंबिकापुर के उप-मंडल अधिकारी (वन) के नेतृत्व में एक जांच दल का गठन किया गया है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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