पश्चिम एशियाई क्षेत्र से 4.26 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं: विदेश मंत्रालय

पश्चिम एशियाई क्षेत्र से 4.26 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं: विदेश मंत्रालय

पश्चिम एशियाई क्षेत्र से 4.26 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं: विदेश मंत्रालय
Modified Date: March 25, 2026 / 07:44 pm IST
Published Date: March 25, 2026 7:44 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच, तेहरान स्थित दूतावास की सहायता से 717 छात्रों समेत कुल 1,043 भारतीय नागरिकों को ईरान से बाहर निकाला जा चुका है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर यहां आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी वार्ता में, विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने कहा कि समग्र उड़ान स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 4.26 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस अवधि के दौरान, भारतीय और विदेशी एयरलाइन की निर्धारित और गैर-निर्धारित उड़ानों सहित कुल 2,149 उड़ान इस क्षेत्र से भारत के लिए संचालित हुईं।’’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बदलती स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

महाजन ने कहा, ‘‘हम इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा, भलाई और कल्याण सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।’’

मंत्रालय का समर्पित नियंत्रण कक्ष भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों के सवालों का समाधान करने और उन्हें सहायता प्रदान करने के लिए कार्यरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते भारत जाने में सहायता देना जारी रखे हुए हैं। हमारे मिशन की सहायता से कुल 1,043 भारतीय नागरिक, जिनमें 717 छात्र और 326 अन्य भारतीय नागरिक शामिल हैं, ईरान से बाहर निकल चुके हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम इजराइल से जॉर्डन होते हुए भारत आने वाले भारतीय नागरिकों की यात्रा को भी सुगम बना रहे हैं। कुवैत, बहरीन और इराक से उड़ानों पर लगे प्रतिबंधों को देखते हुए, हम सऊदी अरब के रास्ते भारतीय नागरिकों की यात्रा को सुगम बनाना जारी रखेंगे।’’

महाजन ने कहा कि रियाद में 18 मार्च को हुए हमले में मारे गये एक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को बुधवार को भारत लाया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम परिवार के साथ नियमित संपर्क में हैं और इस कठिन समय में उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।’’

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय दूतावास लापता भारतीय नागरिक के संबंध में और एक अन्य भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को शीघ्र स्वदेश वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार की शाम कहा था कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत में ईरान के राजदूत से मुलाकात की और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बारे में चर्चा की।

उन्होंने पत्रकारों से कहा था, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, ईरान में कई भारतीय नागरिक हैं, और उनमें से कई आर्मेनिया या अजरबैजान के रास्ते लौट चुके हैं या लौटना शुरू कर चुके हैं। विदेश मंत्री ने इस पारगमन प्रक्रिया में दिए गए समर्थन के लिए ईरान को धन्यवाद दिया।’’

महाजन ने कहा कि भारतीय दूतावास छात्रों, नाविकों, फंसे हुए भारतीय नागरिकों और अल्पकालिक आगंतुकों को वीजा सुविधा और जहां आवश्यक हो वहां रसद सहायता प्रदान करने में सक्रिय रूप से सहायता कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि परिचालन और सुरक्षा संबंधी विचारों के आधार पर एयरलाइन यूएई और भारत के बीच सीमित गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करना जारी रखे हुए हैं।

महाजन ने बताया कि बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के लिए लगभग 80 उड़ानों के संचालित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ओमान और सऊदी अरब से भारत के लिए उड़ानें पहले की तरह ही संचालित होती रहेंगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के साथ, कतर एयरवेज द्वारा बुधवार को बाद में भारत के लिए लगभग नौ गैर-निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित करने की उम्मीद है।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश


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