Mahadev Satta Case: महादेव सट्टा मामले ने ED की बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की इतनी करोड़ की संपत्ति अटैच, काली कमाई से इन जगहों पर खरीदा था बंगला

महादेव सट्टा मामले ने ED की बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की इतनी करोड़ की संपत्ति अटैच, Saurabh Chandrakar Property Attached in Mahadev Satta App

Mahadev Satta Case: महादेव सट्टा मामले ने ED की बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की इतनी करोड़ की संपत्ति अटैच, काली कमाई से इन जगहों पर खरीदा था बंगला

Reported By: Tehseen Zaidi,
Modified Date: March 26, 2026 / 12:19 am IST
Published Date: March 25, 2026 7:37 pm IST

रायपुरः Mahadev Satta Case: छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी है। ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए देश और विदेश में कई संपत्तियां खरीदी थीं। इसी के तहत एजेंसी ने दुबई और नई दिल्ली में स्थित करीब 20 प्रॉपर्टी जब्त की हैं।

जांच एजेंसी के मुताबिक सट्टा नेटवर्क से अर्जित धन का इस्तेमाल लग्जरी बंगले, महंगी कारों और अन्य संपत्तियों की खरीद में किया गया था। अटैच की गई विदेशी संपत्तियां दुबई के प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं, जिनमें Dubai Hills Estate (Hills View, Fairway Residency, Sidra) में लग्जरी विला और अपार्टमेंट, Business Bay और SLS Hotel & Residences में हाई-एंड अपार्टमेंट और बुर्ज खलीफा में अपार्टमेंट शामिल है। बताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से संगठित तरीके से संचालित हो रहा था। ईडी की इस कार्रवाई को मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। एजेंसी आगे भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और संपत्तियों की जांच में जुटी हुई है।

अब तक इतने करोड़ की संपत्तियां अटैच (Mahadev Satta Case)

Mahadev Satta Case: ED ने इस मामले में अब तक 175 से ज्यादा ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किए गए। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 74 लोगों को आरोपी बनाया गया। साथ ही रायपुर की विशेष PMLA अदालत में 5 प्रॉसिक्यूशन शिकायतें दाखिल की गई हैं। एजेंसी के मुताबिक अब तक इस मामले में कुल 4336 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।

 

इन्हें भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।