‘गरीब कैदियों को सहायता’ योजना से अब तक 458 कैदी लाभान्वित हुए : सरकार

‘गरीब कैदियों को सहायता’ योजना से अब तक 458 कैदी लाभान्वित हुए : सरकार

‘गरीब कैदियों को सहायता’ योजना से अब तक 458 कैदी लाभान्वित हुए : सरकार
Modified Date: March 25, 2026 / 07:56 pm IST
Published Date: March 25, 2026 7:56 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि केंद्र द्वारा शुरू की गयी ‘‘गरीब कैदियों को सहायता’’ योजना से अब तक 458 कैदी लाभान्वित हुए हैं।

गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले के सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जो गरीब कैदी उन पर लगाए गए जुर्माने का भुगतान करने में असमर्थ हैं या आर्थिक कारणों से जमानत प्राप्त नहीं कर पाते, उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने वर्ष 2023 में ‘‘गरीब कैदियों को सहायता’’ योजना शुरू की तथा इसके क्रियान्वयन हेतु सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को दिशानिर्देश दिये गए एवं मानक संचालन प्रक्रिया प्रदान की गई थी।

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय ने दो दिसंबर 2025 को इन दिशानिर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रिया को अद्यतन एवं संशोधित कर सभी राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के साथ साझा किया है।

उन्होंने बताया कि राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 458 कैदी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं।

मंत्री ने कहा कि ‘कारागार’ भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य सूची का विषय है। इसलिए, कारागारों में क्षमता से अधिक संख्या में कैदियों के होने संबंधी समस्या का समाधान संबंधित राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी है जो स्थानीय आवश्यकता के अनुसार नए बैरक एवं जेलों का निर्माण कर कारागार अवसंरचना का विस्तार कर सकते हैं।

आंकड़ों के अनुसार, 2023 में भारत में जेल में बंद कैदियों में से लगभग तीन-चौथाई विचाराधीन कैदी थे। लगभग 53 लाख कैदियों में से लगभग 39 लाख विचाराधीन थे। हालांकि, हाल के वर्षों में विचाराधीन कैदियों में मामूली गिरावट देखी गई। 2021 में यह 77 प्रतिशत थी जो 2022 में घटकर 76 प्रतिशत एवं 2023 में और घटकर 74 प्रतिशत रह गई।

भाषा अविनाश सुभाष

सुभाष


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