‘आप’ सरकार मतपत्रों के जरिये स्थानीय निकाय चुनाव ‘लूटना’ चाहती है: पंजाब भाजपा

‘आप’ सरकार मतपत्रों के जरिये स्थानीय निकाय चुनाव ‘लूटना’ चाहती है: पंजाब भाजपा

‘आप’ सरकार मतपत्रों के जरिये स्थानीय निकाय चुनाव ‘लूटना’ चाहती है: पंजाब भाजपा
Modified Date: May 13, 2026 / 09:35 pm IST
Published Date: May 13, 2026 9:35 pm IST

चंडीगढ़, 13 मई (भाषा) पंजाब भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में ईवीएम की जगह मतपत्रों से मतदान कराने के फैसले को वापस लेने की मांग की।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जिसमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, वरिष्ठ नेता विजय सांपला, सोम प्रकाश, मनोरंजन कालिया, अविनाश राय खन्ना, राकेश राठौर और विनीत जोशी शामिल थे।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान जाखड़ ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राज्य निर्वाचन आयुक्त के साथ मिलीभगत करके स्थानीय निकाय चुनाव में हेरफेर करने की साजिश के तहत मतपत्रों से मतदान कराने का नियम लागू किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने पंचायत राज संस्थाओं के चुनावों में भी इसी तरीके का इस्तेमाल किया था।

जाखड़ ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव परंपरागत रूप से ईवीएम मशीनों से कराए जाते रहे हैं, लेकिन चुनावों की घोषणा के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने कथित तौर पर सरकार के निर्देश पर अचानक रातोंरात मतपत्रों से चुनाव कराने का फैसला कर लिया।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक करना हमेशा से परंपरा रही है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि हाल ही में स्थानीय निकाय मंत्री ने भी कहा था कि मतदान ईवीएम से होगा, लेकिन “अपनी हार को भांपते हुए” आप सरकार ने फैसला बदल दिया ताकि मतगणना के दौरान हेरफेर करके लोकतंत्र को कमजोर करते हुए चुनाव “लूटे” जा सकें।

पंजाब में आठ नगर निगमों समेत 105 नगर निकायों के लिए मतदान 26 मई को होगा, जबकि मतगणना 29 मई को की जाएगी।

भाषा जोहेब माधव

माधव


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