आप ने भाजपा में शामिल होने वाले अपने सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी
आप ने भाजपा में शामिल होने वाले अपने सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी
नयी दिल्ली/चंडीगढ़, 25 अप्रैल (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को कहा कि वह पार्टी छोड़ने वाले अपने सांसदों को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी। वहीं, पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने पलटवार करते हुए ‘आप’ पर भ्रष्टाचार और विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया।
इन सात सांसदों ने कहा कि उन्होंने डर की वजह से नहीं, बल्कि पार्टी के नेतृत्व से बढ़ती “निराशा, दूरी और नाराजगी” के कारण पार्टी छोड़ी है।
‘आप’ के सूत्रों के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यसभा सदस्यों के मुद्दे पर पार्टी विधायकों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के लिए शनिवार को समय मांगा है।
आप के सात में से छह राज्यसभा सदस्य पंजाब से हैं।
दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन करते हुए ‘आप’ के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि पार्टी राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करेगी।
उन्होंने कहा, “दलबदल विरोधी कानून के अनुसार राज्यसभा और लोकसभा में किसी तरह का अलग गुट मान्य नहीं होता, चाहे उसमें दो-तिहाई सदस्य ही क्यों न हों।”
उन्होंने यह भी कहा कि इन सात सांसदों का भाजपा में जाना पूरी तरह “असंवैधानिक” और “गैरकानूनी” है।
‘आप’ से अलग होने वाले समूह का नेतृत्व कर रहे राघव चड्ढा ने कहा कि सांसद डर की वजह से नहीं, बल्कि पार्टी नेतृत्व से बढ़ती “निराशा, दूरी और नाराजगी” के कारण जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेहनत से पार्टी बनाने वाला “हर सच्चा देशभक्त” या तो पहले ही जा चुका है या जाने की तैयारी में है।
चड्ढा ने कहा कि अब ईमानदार और मेहनती लोगों के लिए आप में काम करने के लिए कोई जगह नहीं बची है और पार्टी गलत दिशा में जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि सांसद इसलिए पार्टी छोड़ रहे हैं क्योंकि पार्टी “भ्रष्ट व समझौता करने वाले लोगों” के हाथ में चली गई है।
वहीं, मान ने पार्टी छोड़ने वालों पर तंज कसते हुए एक पोस्ट की।
उन्होंने लिखा कि अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया मिलकर स्वादिष्ट खाना बनाते हैं, लेकिन अलग-अलग होने पर कोई भी चीज अकेले पूरा व्यंजन नहीं बना सकती।
शुक्रवार को आप को झटका देते हुए राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है।
हालांकि चड्ढा और मालीवाल पहले से ही पार्टी में किनारे किए जा चुके थे, लेकिन बाकी पांच सांसदों का जाना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला लगा।
मान ने आरोप लगाया कि पंजाब में बार-बार हार का सामना करने वाली भाजपा अब राज्य और आप के खिलाफ सख्ती दिखा रही है और धमकी, लालच व दलबदल के जरिए सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
मालीवाल ने कहा कि उन्होंने पार्टी इसलिए छोड़ी क्योंकि वह अपने मूल सिद्धांतों से बहुत दूर चली गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब पार्टी “झूठ, भ्रष्टाचार व गुंडागर्दी” के लिए जानी जाती है।
उन्होंने कहा, “असल धोखा पार्टी छोड़ना नहीं है, बल्कि अपने सिद्धांतों पर न टिकना है। लोग डर की वजह से नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल की वजह से पार्टी छोड़ रहे हैं।”
मालीवाल ने दावा किया कि आने वाले दिनों में और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा, “कोई भी अच्छा व्यक्ति उनके साथ लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। वे कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं।”
पंजाब के आनंदपुर साहिब से आप के लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि राज्य में पार्टी नेतृत्व और विधायकों, सांसदों तथा मंत्रियों के बीच बेहतर तालमेल और लगातार बातचीत की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा के लिए पंजाब के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को मौका दिया जाना चाहिए था।
भाजपा ने भी अरविंद केजरीवाल पर हमला तेज करते हुए लोधी एस्टेट में मिले नए सरकारी बंगले को “शीश महल 2” बताया और आरोप लगाया कि इसमें व्यक्तिगत धन से सुविधाएं हासिल की गई हैं।
आप ने इन आरोपों को झूठा बताया।
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि केजरीवाल अब शाही जिंदगी जीने के आदी हो गए हैं।
उन्होंने कहा, “दिल्ली के मतदाताओं ने उन्हें शीश महल से बाहर कर दिया, तो वह पंजाब चले गए और वहां बंगला लिया, अब लोधी एस्टेट में ‘शीश महल 2’ बना लिया है।”
‘आप’ की वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि वर्मा द्वारा जारी की गई तस्वीरें फर्जी हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “ये तस्वीरें केजरीवाल जी के घर की नहीं हैं। अगर देखना है कि किसका घर कितना शानदार है, तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल अपने घर खोलें और केजरीवाल जी भी अपना घर खोलेंगे, जनता खुद फैसला कर लेगी।”
भाषा जोहेब माधव
माधव

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