अभिषेक ने भाजपा उम्मीदवार से अपराजिता विधेयक की दुर्दशा पर प्रधानमंत्री से अपील करने का आग्रह किया

अभिषेक ने भाजपा उम्मीदवार से अपराजिता विधेयक की दुर्दशा पर प्रधानमंत्री से अपील करने का आग्रह किया

अभिषेक ने भाजपा उम्मीदवार से अपराजिता विधेयक की दुर्दशा पर प्रधानमंत्री से अपील करने का आग्रह किया
Modified Date: April 20, 2026 / 01:00 am IST
Published Date: April 20, 2026 1:00 am IST

कोलकाता, 19 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को पनिहाटी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील करने का आग्रह किया कि वह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए लंबित अपराजिता विधेयक को जल्द से जल्द पारित करवाएं।

आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म के बाद जिस महिला चिकित्सक की हत्या की गयी थी, रत्ना देबनाथ उनकी मां हैं।

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने उत्तर 24 परगना के पनिहाटी में पार्टी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष के समर्थन में रोड शो के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक दुष्कर्म के दोषियों को 50 दिनों के भीतर समयबद्ध सजा दिलाने का प्रावधान करता है।

अपराजिता महिला एवं बाल (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून संशोधन) विधेयक सितंबर 2024 में विधानसभा में पारित हुआ था।

बनर्जी ने भाजपा को निशाना बनाते हुए कहा, “दोषियों को माला पहनाने वाली पार्टी न्याय नहीं दिला सकती।”

उन्होंने भाजपा पर महिलाओं की सुरक्षा के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

बनर्जी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त, 2024 को महिला चिकित्सक के साथ हुई वारदात का जिक्र करते हुए कहा कि तृणमूल सरकार ने तुरंत कार्रवाई की।

उन्होंने कहा, “48 घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया, जिसमें अगर वे चाहें तो सीबीआई जांच भी शामिल थी।”

बनर्जी ने दावा किया कि जहां बंगाल के लोग दोषियों को सजा दिलाने की मांग करते हुए एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं भाजपा ने न्याय पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर इस वारदात का राजनीतिकरण किया।

उन्होंने तृणमूल कार्यकर्ताओं से देबनाथ पर व्यक्तिगत हमले न करने की अपील भी की।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन


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