Vande Bharat: महिला आरक्षण.. जारी है रण! बीजेपी-कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ किया प्रदर्शन, आखिर कौन महिला विरोधी? देखिए ये वीडियो

महिला आरक्षण.. जारी है रण! बीजेपी-कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ किया प्रदर्शन,Vande Bharat: BJP and Congress protest over women's reservation

Vande Bharat: महिला आरक्षण.. जारी है रण! बीजेपी-कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ किया प्रदर्शन, आखिर कौन महिला विरोधी? देखिए ये वीडियो
Modified Date: April 20, 2026 / 12:14 am IST
Published Date: April 19, 2026 11:48 pm IST

नई दिल्लीः महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास क्या नहीं हुआ देश में मानों सियासी भूचाल आ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले राष्ट्र के नाम संदेश देकर माताओं और बहनों से माफी मांगी वहीं कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष को आडे हाथ लिया। उधर अब ये सियासी लड़ाई जमीन पर उतर आई है। बीजेपी कांग्रेस को महिला आरक्षण विरोधी ठहराने के लिए देशभर में प्रदर्शन कर रही है। वहीं कांग्रेस भी विरोध प्रदर्शन कर बीजेपी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगा रही है।

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश से ये साफ हो गया कि बीजेपी इस मुद्दे को यू हीं जाने नहीं देगी बल्कि विपक्ष के खिलाफ देशव्यापी अभियान का आगाज करेगी, जिसकी तस्वीर अगले ही रविवार को देखने को मिली। जहां बीजेपी ने ना केवल इसके खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन किया बल्कि इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की और विपक्ष पर निशाना साधा। छत्तीसगढ़ के सीएम सीएम विष्णुदेव साय और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी विपक्ष और खासकर कांग्रेस पर हमला बोला। बीजेपी ने जहां कांग्रेस और विपक्ष को महिला विरोधी ठहराने में कोई कमी नही छोड़ी तो वहीं कांग्रेस भी पीछे नहीं रही। कांग्रेस ने दिल्ली में बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। केंद्र सरकार का पुतला फूंका। महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन और डी-लिमिटेशन लागू करने की साजिश का आरोप लगाया। पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश की भाषा पर भी सवाल उठाए।

महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस और बीजेपी ने जिस तरह से एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है उससे साफ है कि महिला वोटर को साधने के लिए कोई दल पीछे नहीं रहना चाहता, लेकिन इस बहस के बीच डी-लिमिटेशन पर चर्चा पीछे छूट गई है, जो इस महिला आरक्षण बिल का अहम हिस्सा था। जिस पर दक्षिणी राज्य सबसे ज्यादा ऐतराज कर रहे है। इस मुद्दे पर आज राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा की सबसे ज्यादा जरुरत है।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।