अभाविप ने पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे के बाद हुई हिंसा में अपनी भूमिका से किया इनकार
अभाविप ने पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे के बाद हुई हिंसा में अपनी भूमिका से किया इनकार
कोलकाता, छह मई (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के आनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) चार मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद विश्वविद्यालय/महाविद्यालय परिसरों में हुई झड़प में अपनी संलिप्तता से इनकार किया तथा तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के एक गुट पर इसका ठीकरा फोड़ा।
एक बयान में, अभाविप के प्रदेश सचिव नीलकंठ भट्टाचार्य ने दावा किया कि तृणमूल छात्र परिषद के भीतर कुछ ‘आक्रामक तत्व’ मौजूदा नेतृत्व से नाखुश हैं तथा अपना हिसाब बराबर करने के लिए महाविद्यालय परिसरों में विध्वंसकारी गतिविधियों में लिप्त हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये तत्व अभाविप को बदनाम करने के उद्देश्य से विभिन्न कॉलेजों में अशांति फैलाते हुए उसके झंडे लहराते हैं और भगवा रंग लगाते हैं।
अभाविप ने यह भी आरोप लगाया कि परिसरों में अशांति फैलाने के लिए उसके आधिकारिक लेटरहेड का ‘अवैध और भ्रामक तरीके से’ दुरुपयोग किया जा रहा है।
बयान में कहा गया है, ‘‘अभाविप का ऐसी गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है। ये हरकतें पूरी तरह से अनैतिक और निंदनीय हैं।’’
बयान में यह भी कहा गया है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कलकत्ता विश्वविद्यालय में पांच मई को एआईडीएसओ और अभाविप के विद्यार्थियों के बीच झड़प में छह लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है।
भट्टाचार्य ने कहा कि संगठन का लक्ष्य राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचना है, ताकि राष्ट्रवादी भावना को बढ़ावा दिया जा सके।
अभाविप के एक अन्य नेता ने कहा कि कि टीएमसीपी के कुछ सदस्य संगठन में शामिल होने के संकेत दे रहे थे, लेकिन जिन लोगों ने परिसर के माहौल को खराब किया है, उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इन आरोपों को खारिज करते हुए टीएमसीपी के प्रदेश अध्यक्ष त्रणांकुर भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल के छात्र संगठन पर दोष मढ़ने की कोशिशें बेबुनियाद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चार मई की दोपहर से ही ‘दक्षिणपंथी ताकतों ने कैंपस में आतंक मचा रखा है।’
भाषा राजकुमार माधव माधव
राजकुमार

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