CG PM Awas Yojana News: अंधेरे से उजाले की ओर.. कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने भरी उम्मीद की रोशनी, इन योजनाओं का मिल रहा लाभ, पढ़िए प्रेरक स्टोरी

CG PM Awas Yojana News: अंधेरे से उजाले की ओर.. कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने भरी उम्मीद की रोशनी, इन योजनाओं का मिल रहा लाभ, पढ़िए प्रेरक स्टोरी

CG PM Awas Yojana News: अंधेरे से उजाले की ओर.. कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने भरी उम्मीद की रोशनी, इन योजनाओं का मिल रहा लाभ, पढ़िए प्रेरक स्टोरी

CG PM Awas Yojana News/Photo Credit: IBC24

Modified Date: May 6, 2026 / 09:48 pm IST
Published Date: May 6, 2026 8:39 pm IST
HIGHLIGHTS
  • दृष्टिबाधित दंपति को मिला पक्का घर और सम्मानजनक जीवन
  • मनरेगा से रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
  • सरकारी योजनाओं से स्वास्थ्य, राशन और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित

रायपुर CG PM Awas Yojana News: जब हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो शारीरिक बाधाएं भी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकतीं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता की कहानी आज सुशासन और संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल बन चुकी है। विशेष पिछड़ी जनजाति से ताल्लुक रखने वाला यह दंपति दृष्टिबाधित है, लेकिन आज इनके चेहरे की मुस्कान सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास की प्रतिबद्धता को बयां कर रही है।

प्रधानमंत्री के हाथों मिली खुशियों की चाबी

कृष्णा और अनिता के परिवार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक मोड़ राज्य स्थापना की रजत जयंती (2025) के अवसर पर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (CG PM Awas Yojana News) ने स्वयं अपने हाथों से कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के घर की चाबी सौंपी। यह मात्र एक कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि वर्षों के अभाव और असुरक्षा के बाद मिला वह सम्मान था, जिसकी इस दंपति ने कल्पना की थी। अपनी मेहनत और शासकीय अनुदान के मेल से इन्होंने न केवल घर बनाया, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षित बुनियाद भी रखी।

मनरेगा- आत्मनिर्भरता की नई इबारत

पक्के घर के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन के लिए महात्मा गांधी नरेगा (डळछत्म्ळ।) इस परिवार (CG PM Awas Yojana News) का सबसे बड़ा संबल बना। दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता ने हार नहीं मानी। वे मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का कार्य करते हैं। वर्ष 2024-25 में 86 दिनों का रोजगार और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिनों का काम मिलने से उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। कृष्णा और अनिता के लिए सुशासन का अर्थ केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अवसर और भविष्य की एक नई किरण है।

योजनाओं के सुरक्षा कवच और बदला जीवन

शासन की बहुआयामी योजनाओं ने इस परिवार के इर्द-गिर्द सुरक्षा का एक घेरा तैयार कर दिया है। अंत्योदय अन्न योजना (CG PM Awas Yojana News)  के तहत राशन की उपलब्धता, आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी मिली, जिससे इलाज की चिंता खत्म हुई और दिव्यांग पेंशन के माध्यम से निरंतर वित्तीय सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हुआ।

‘अंधेरे से उजाले की ओर’ कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रतीकात्मक कहानी है, जो दर्शाती है कि कैसे सरकारी योजनाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही आम नागरिकों का जीवन बदल सकती हैं।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.