एआईआईए का प्रयास केंद्र जगा रहा तंत्रिका संबंधी विकार से पीड़ित बच्चों की जिंदगी में उम्मीद की किरण

एआईआईए का प्रयास केंद्र जगा रहा तंत्रिका संबंधी विकार से पीड़ित बच्चों की जिंदगी में उम्मीद की किरण

एआईआईए का प्रयास केंद्र जगा रहा तंत्रिका संबंधी विकार से पीड़ित बच्चों की जिंदगी में उम्मीद की किरण
Modified Date: January 31, 2026 / 04:10 pm IST
Published Date: January 31, 2026 4:10 pm IST

(पायल बनर्जी)

नयी दिल्ली/पणजी, 31 जनवरी (भाषा) गोवा के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का ‘प्रयास’ केंद्र तंत्रिका विकास और तंत्रिका संबंधी विकारों से पीड़ित बच्चों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है, जो आयुर्वेद, योग और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के संयोजन से उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए समन्वित प्रयास कर रहा है।

‘प्रयास’ केंद्र की शुरुआत नवंबर 2025 में की गई थी। इस एकीकृत बाल चिकित्सा न्यूरो-पुनर्वास केंद्र ने न्यूरो-मस्कुलर और न्यूरो-बिहेवियरल ओपीडी के माध्यम से 574 रोगियों को लाभान्वित किया है, और आईपीडी सेवाओं के माध्यम से 176 बच्चों को एकीकृत देखभाल प्रदान की है।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) गोवा की डीन (शैक्षणिक एवं प्रशासन) डॉ. सुजाता कदम ने कहा, ‘‘प्रयास तंत्रिका विकास संबंधी विकारों से पीड़ित बच्चों के लिए आशा की किरण है, जो आयुर्वेद के समग्र सिद्धांतों को बहुविषयक चिकित्सा पद्धतियों के साथ एकीकृत करके उनके जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाता है। हम इस मॉडल को पूरे भारत में अधिक से अधिक परिवारों तक विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और अपने संस्थान की नवीन एवं करुणामयी देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहे हैं।’’

उन्होंने बताया कि इसका एक उदाहरण तीन वर्षीय एक लड़के का है, जो ‘स्पैस्टिक हेमिप्लेजिक सेरेब्रल पाल्सी’ से ग्रस्त था और स्वतंत्र रूप से खड़े होने या चलने में असमर्थ था, लेकिन केंद्र में एकीकृत देखभाल के बाद वह बिना किसी सहारे के चलने-फिरने में सक्षम हो गया।

बच्चे की मां ने कहा, ‘‘पहले मेरा बच्चा अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाता था और न ही चल पाता था। ‘प्रयास’ में इलाज के बाद उसकी हालत में काफी सुधार हुआ है और अब वह बिना सहारे के चल सकता है।’’

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल


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