एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने एक माह बाद असम विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली

एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने एक माह बाद असम विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली

एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने एक माह बाद असम विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली
Modified Date: June 22, 2026 / 05:43 pm IST
Published Date: June 22, 2026 5:43 pm IST

गुवाहाटी, 22 जून (भाषा) ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने सोमवार को असम विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि अन्य नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के लगभग एक महीने बाद अजमल ने यह शपथ ली है।

विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने मध्य असम के बिन्नाकांडी निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित अजमल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

विधानसभा के सोशल मीडिया पेज पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के बैठक कक्ष में आयोजित किया गया, जहां विधानसभा सचिव प्रभारी राजीव भट्टाचार्य ने कार्यवाही का संचालन किया।

नवनिर्वाचित विधानसभा के सदस्यों ने नयी सरकार के प्रथम सत्र के पहले दिन 21 मई को शपथ ग्रहण किया था।

एआईयूडीएफ के एक नेता ने बताया कि जब अन्य विधायक शपथ ले रहे थे, तब अजमल हज यात्रा पर गए हुए थे।

एआईयूडीएफ के नेता ने कहा, ‘‘उन्होंने विधानसभा सचिवालय को पहले ही सूचित कर दिया था कि वह शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित नहीं रह पाएंगे। हज से लौटने के बाद उन्होंने पुनः पत्र लिखकर शपथ लेने के लिए तिथि और समय निर्धारित करने का अनुरोध किया था। उसी के अनुरूप आज यह व्यवस्था की गई।’’

पूर्व में तीन बार लोकसभा सदस्य रह चुके अजमल दूसरी बार असम की राजनीति में विधायक के रूप में लौटे हैं। वह पहली बार वर्ष 2006 में दक्षिण सलमारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे।

हाल में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) से मिलकर बने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीती थीं।

भाजपा को 82 सीटें मिलीं, जबकि एजीपी और बीपीएफ ने 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की।

छह दलों वाले विपक्षी गठबंधन का हिस्सा रही कांग्रेस और रायजोर दल ने क्रमशः 19 और दो सीटें जीतीं।

एआईयूडीएफ और तृणमूल कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था तथा उन्हें क्रमशः दो और एक सीट पर जीत मिली।

भाषा रवि कांत रवि कांत माधव

माधव


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