दिल्ली गोल्फ लिंक लूट मामले में सभी छह आरोपी अब भी फरार
दिल्ली गोल्फ लिंक लूट मामले में सभी छह आरोपी अब भी फरार
नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) दिल्ली के पॉश गोल्फ लिंक्स इलाके में बंधक बनाकर की गई 25 लाख रुपये की लूट के मामले में सभी छह आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस को शक है कि वे वारदात को अंजाम देने के बाद शहर छोड़कर भाग गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी एक हल्के सलेटी रंग की एसयूवी कार में फरार हुए, जिस पर नकली नंबर प्लेट लगी थी।
सूत्रों ने बताया कि गिरोह ने लूट से पहले इलाके की अच्छी तरह रेकी की थी और सुरक्षा व्यवस्था में कमियों को पहचान लिया था।
पुलिस के एक सूत्र ने कहा, “उन्हें पता था कि घर तक जाने वाली गली में सीसीटीवी कवरेज ठीक नहीं है और प्रवेश द्वार पर भी पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही।”
घटना बृहस्पतिवार शाम को हुई, जब शराब कारोबारी अशोक चावला, उनकी पत्नी, बहू और उसका बेटा घर में मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, “आरोपी घरेलू सहायक सुशील की मदद से घर में घुसे, परिवार को बंधक बनाया और घर में तोड़फोड़ करके करीब 25 लाख रुपये के गहने लेकर फरार हो गए।”
पुलिस के मुताबिक गिरोह में इस मामले में मुख्य आरोपी सुशील समेत छह सदस्य थे।
पुलिस ने कहा कि सुशील घटना से सिर्फ एक हफ्ते पहले ही घर में काम पर लगा था और उसने ही अंदर जाने के लिए बाकी आरोपियों की मदद की।
पुलिस ने बताया कि सुशील को घर की बनावट और प्रवेश-निकास के दोनों रास्तों की पूरी जानकारी थी।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “परिवार पीछे का दरवाजा इस्तेमाल नहीं करता था, लेकिन सुशील ने उसी रास्ते का इस्तेमाल करके आरोपियों को भागने में मदद की।”
सूत्रों के अनुसार, बाकी पांच आरोपी वारदात से करीब आधे घंटे पहले इलाके में अलग-अलग समूहों में पहुंचे थे, ताकि किसी को शक न हो। लूट के बाद सभी एक साथ एसयूवी कार में सवार होकर फरार हो गए।
सूत्रों ने यह भी बताया कि सुशील जानता था कि परिवार में केवल कारोबारी की पत्नी के पास उसका संपर्क नंबर है, इसलिए उसने घटना के दौरान उनका मोबाइल फोन भी ले लिया।
एक कर्मचारी ने बताया कि सुशील पहले भी अपना फोन नंबर देने से बचता था।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, लूट के दौरान परिवार के सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। कारोबारी की पत्नी की आंखों के पास चोट के निशान आए, हालांकि कोई गंभीर चोट नहीं लगी।
जांच में यह भी पता चला कि गली में आने-जाने वाले वाहनों की ज्यादा जांच नहीं होती थी। घटना के बाद इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अब सोसाइटी के चौकीदार आने-जाने वालों का विवरण—जैसे फोन नंबर, वाहन नंबर और किस घर में जा रहे हैं—रिकॉर्ड कर रहे हैं।
पुलिस दो पूर्व घरेलू सहायकों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पहले काम करने वाला घरेलू सहायक बिहार अपने गांव चला गया था और उसने एक अन्य व्यक्ति को काम पर लगवाया था, जिसने कुछ दिन काम करने के बाद सुशील को काम पर लगवाया।
पुलिस ने कहा कि इस दावे की अभी पुष्टि नहीं हुई है कि लूट के दौरान किसी ‘डिलीवरी बॉय’ ने घंटी बजाई और आरोपी भाग गए।
इस बीच घटना के समय मूलचंद के पास मौजूद कारोबारी का बेटा सूचना मिलते ही वापस लौटा और अपने एक दोस्त की मदद से गेट तोड़कर अंदर गया।
पुलिसक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश में कई टीम छापे मार रही हैं, जबकि बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी जांच बढ़ा दी गई है।
सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्धों को समन्वित तरीके से घर के पास आते हुए देखा गया है, जिससे साफ है कि वारदात पहले से योजना बनाकर की गई थी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीम गठित की गई हैं।
भाषा जोहेब रंजन
रंजन

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