अल्जाइमर से पीड़ित बुजुर्ग के बैंक खाते से ढाई लाख रुपये अवैध तरीके से निकाले, चालक गिरफ्तार

अल्जाइमर से पीड़ित बुजुर्ग के बैंक खाते से ढाई लाख रुपये अवैध तरीके से निकाले, चालक गिरफ्तार

अल्जाइमर से पीड़ित बुजुर्ग के बैंक खाते से ढाई लाख रुपये अवैध तरीके से निकाले, चालक गिरफ्तार
Modified Date: May 11, 2026 / 09:54 pm IST
Published Date: May 11, 2026 9:54 pm IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) मध्य दिल्ली में अल्जाइमर से पीड़ित एक बुजुर्ग व्यक्ति से गलत फायदा उठाने और यूपीआई के माध्यम से अवैध रूप से 2.57 लाख रुपये निकालने के आरोप 39 वर्षीय चालक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी इस परिवार के साथ 15 साल से काम कर रहा था।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान देवेंद्र के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर पीड़ित की बातों को याद न रख पाने की बीमारी का फायदा उठाया और उनके मोबाइल फोन का गुप्त रूप से कई बार उपयोग करके अपने सहयोगियों से जुड़े खातों में पैसे स्थानांतरित कर दिए।

पुलिस के अनुसार, ये फर्जी लेनदेन चार से 15 अप्रैल के बीच बुजुर्ग व्यक्ति के बैंक खाते से किए गए थे, जो अल्जाइमर रोग और गंभीर ‘शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस’ (बातें याद न रखने से संबंधित बीमारी) से पीड़ित हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘यह मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित के बेटे ने एनसीआरपी हेल्पलाइन के माध्यम से एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसके पिता के खाते से 2.57 लाख रुपये के संदिग्ध यूपीआई लेनदेन की सूचना दी गई।’

अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में परिवार को संदेह था कि इसमें कोई अज्ञात साइबर ठग शामिल है। हालांकि, जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी परिवार का परिचित और भरोसेमंद व्यक्ति था।

पुलिस ने कहा कि देवेंद्र शिकायतकर्ता के आवास पर लगभग 15 वर्षों से चालक और घरेलू सहायक के रूप में कार्यरत था और वह पीड़ित की चिकित्सीय स्थिति से पूरी तरह वाकिफ था।

उसने बुजुर्ग की बिगड़ती स्थिति का फायदा उठाया और उसे लगा कि बुजुर्ग व्यक्ति को इन लेनदेन के बारे में याद नहीं रहेगा।

इस संबंध में मामला दर्ज किया गया और जांच में यह देखा गया पैसा कहां-कहां भेजा गया जिससे पुलिस उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंडोली निवासी देवेंद्र तक पहुंच गई।

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पैसे निकालने के बाद गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में पांच मई को अचानक अपनी नौकरी छोड़ दी और छिप गया।

अधिकारी ने कहा, ‘लगातार तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाने के बाद, उसे आठ मई को जीटीबी नगर से पकड़ा गया।’

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव


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