मणिपुर में प्रदर्शन के बीच, मुख्यमंत्री ने दो बच्चों के परिवारों से उनके शव लेने की अपील की

मणिपुर में प्रदर्शन के बीच, मुख्यमंत्री ने दो बच्चों के परिवारों से उनके शव लेने की अपील की

मणिपुर में प्रदर्शन के बीच, मुख्यमंत्री ने दो बच्चों के परिवारों से उनके शव लेने की अपील की
Modified Date: April 25, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: April 25, 2026 10:11 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

इंफाल, 25 अप्रैल (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बिष्णुपुर जिले में बम हमले में मारे गए दो बच्चों के परिवार से शनिवार को अपील की कि वे उनके शवों को स्वीकार कर लें, जो दो सप्ताह से अधिक समय से मुर्दाघर में रखे हुए हैं।

बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में सात अप्रैल को विस्फोट में पांच वर्षीय एक लड़के और उसकी छह माह की बहन की मौत हो गई। उनके परिवार वालों ने कहा था कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे शवों को स्वीकार नहीं करेंगे।

कोकोमी प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि सरकार हमले के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

उन्होंने कहा, “हम मृतकों के परिवारों और घटना के संबंध में गठित संयुक्त कार्रवाई समिति से भी बातचीत कर रहे हैं। राज्य सरकार को इस बात का गहरा दुख है कि दोनों बच्चों के शव मुर्दाघर में हैं।”

सिंह ने राज्य में शांति बहाल करने के लिए संवाद और सहयोग का भी आह्वान किया तथा कहा कि लंबे समय तक बंद और अशांति से दिहाड़ी मजदूर एवं विद्यार्थी भावित हो रहे हैं।

इससे पहले दिन में, मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (कोकोमी) के बैनर तले हजारों लोगों ने यहां दो बच्चों के लिए न्याय, विस्थापित लोगों के पुनर्वास और स्थायी शांति की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

यहां मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों ने कई स्थानों पर रोका।

अधिकारियों ने बताया कि कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड हटाने की कोशिश करने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

बाद में, प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मिलने और ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी गई।

सिंह के साथ प्रेस वार्ता में मौजूद गोविंदास कोठौजाम ने कहा कि कोकोमी प्रतिनिधियों द्वारा सात प्रश्नों वाला एक ज्ञापन भी दिया गया तथा सरकार मूल समुदायों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मई 2023 से इस पूर्वोत्तर राज्य में मेईती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव


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