महाधिवक्ता के ‘इस्तीफे’ की चर्चाओं के बीच भाजपा का झारखंड सरकार पर हमला

महाधिवक्ता के 'इस्तीफे' की चर्चाओं के बीच भाजपा का झारखंड सरकार पर हमला

महाधिवक्ता के ‘इस्तीफे’ की चर्चाओं के बीच भाजपा का झारखंड सरकार पर हमला
Modified Date: June 14, 2026 / 10:16 pm IST
Published Date: June 14, 2026 10:16 pm IST

रांची, 14 जून (भाषा) झारखंड के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) राजीव रंजन के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार पर राज्य में ‘म्यूजिकल चेयर का खेल’ खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यहां संवैधानिक पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति का भविष्य सुरक्षित नहीं है।

राजीव रंजन के करीबी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने दिन में अपना इस्तीफा मुख्य सचिव को भेज दिया था।

हालांकि, इस घटनाक्रम की पुष्टि के लिए किए गए फोन कॉल का महाधिवक्ता ने कोई जवाब नहीं दिया। सरकार ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।

रंजन साल 2020 से महाधिवक्ता के रूप में सेवा दे रहे हैं, जब झामुमो के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में आया था।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने एक बयान में कहा, ‘सरकार भले ही यह छिपाने की कोशिश करे कि राजीव रंजन ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है या उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन राज्य की जनता इस पूरे घटनाक्रम को अच्छे से समझ रही है।’

रंजन के पूरे कार्यकाल पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए शाह ने कहा, ‘सरकार को यह साफ करना चाहिए कि अगर महाधिवक्ता का कार्यकाल संतोषजनक था तो उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया और अगर संतोषजनक नहीं था तो उन्हें इतने लंबे समय तक पद पर क्यों बनाए रखा गया।’

भाषा सुमित दिलीप

दिलीप


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