अमित शाह ने मोदी के सार्वजनिक जीवन में बिताए रिकॉर्ड 8,931 दिनों की सराहना की
अमित शाह ने मोदी के सार्वजनिक जीवन में बिताए रिकॉर्ड 8,931 दिनों की सराहना की
नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में बिताए गए रिकॉर्ड 8,931 दिनों की रविवार को सराहना की और कहा कि यह सेवा, कड़ी मेहनत एवं अटूट प्रतिबद्धता पर आधारित एक मील का पत्थर है।
उन्होंने कहा कि पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और अब प्रधानमंत्री के रूप में मोदी द्वारा सार्वजनिक जीवन में 8,931 दिनों का रिकॉर्ड बनाया जाना राष्ट्र-प्रथम, शासन, कार्यों में ईमानदारी और प्रत्येक नागरिक की अथक सेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
शाह ने ‘एक्स’ पर एक संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी रविवार को सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए भारत में सर्वाधिक समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले व्यक्ति बन गए।
गृह मंत्री ने कहा, “मोदी जी की दशकों की सेवा ने एक नए युग को जन्म दिया है। चाहे गरीबों को उनके अधिकार दिलाना हो, विकास में नए मुकाम हासिल करना हो या वैश्विक मंचों पर देश का गौरव बढ़ाना हो, मोदी युग ने भारत को पूरी तरह से बदल दिया है।”
उन्होंने कहा कि इस नए भारत के निर्माण के लिए जीवन भर के प्रयास की आवश्यकता थी, और प्रधानमंत्री मोदी ने वह प्रयास किया।
शाह ने कहा, “24 वर्षों से अधिक समय तक बिना छुट्टी लिए राष्ट्र और उसकी जनता की सेवा करना उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यही कारण है कि उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार जनता से अभूतपूर्व स्नेह प्राप्त हुआ। जनता का विश्वास, स्नेह और समर्थन उनके प्रति दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है।”
इस उपलब्धि को ‘‘सेवा, कड़ी मेहनत और अटूट प्रतिबद्धता पर आधारित एक मील का पत्थर’’ बताते हुए शाह ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘अभूतपूर्व विश्वास और अद्वितीय सेवा पर निर्मित एक दुर्लभ विरासत। प्रधानसेवक मोदी।’’
मोदी ने 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
वह 21 मई, 2014 तक इस पद पर बने रहे।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 282 सीट के साथ शानदार जीत दिलाने के बाद मोदी ने 26 मई को प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली। भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाली पहली गैर-कांग्रेसी पार्टी बनी, जिसने कांग्रेस को मात्र 44 सीट पर समेटते हुए धूल चटा दी।
भाषा
नेत्रपाल दिलीप
दिलीप

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