आंध्र प्रदेश के मंत्री ने टीटीडी को घी की आपूर्ति संबंधी वाईएसआरसीपी के दावों का खंडन किया

आंध्र प्रदेश के मंत्री ने टीटीडी को घी की आपूर्ति संबंधी वाईएसआरसीपी के दावों का खंडन किया

आंध्र प्रदेश के मंत्री ने टीटीडी को घी की आपूर्ति संबंधी वाईएसआरसीपी के दावों का खंडन किया
Modified Date: January 31, 2026 / 03:57 pm IST
Published Date: January 31, 2026 3:57 pm IST

हैदराबाद, 31 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पी. केशव ने शनिवार को कहा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् (टीटीडी) की ओर से राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को भेजे गए घी के नमूनों की रिपोर्ट में पशु चर्बी होने की आशंका साफ तौर पर जताई गई थी और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी इसी रिपोर्ट का हवाला दिया था।

केशव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार ने टीटीडी लड्डू के लिए घी की खरीद को सिर्फ एक व्यापारिक सौदे की तरह देखा और उन्हें भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी में आस्था नहीं है।

उन्होंने कहा, “जब ऐसा सनसनीखेज मामला सरकार के संज्ञान में आता है, तो क्या इसे जनता को नहीं बताया जाना चाहिए या 2022 की तरह दबा दिया जाना चाहिए? एक जिम्मेदार व्यक्ति के तौर पर मुख्यमंत्री नायडू ने इसे एक आंतरिक बैठक में सामने रखा।”

वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि 2022 में मैसूरु स्थित केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) को भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट में भी घी के मिलावटी होने की बात सामने आई थी लेकिन जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार ने इस रिपोर्ट को दबा दिया।

केशव ने कहा कि एनडीडीबी को भेजे गए घी के नमूनों की रिपोर्ट में पशु चर्बी होने की आशंका साफ तौर पर जताई गई थी और मुख्यमंत्री नायडू ने भी इसी रिपोर्ट का हवाला दिया था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नियुक्त बोर्ड ने घी की खरीद के लिए निविदा शर्तों में बदलाव किया जिससे कम कारोबार वाली छोटी कंपनियों के लिए रास्ता खुल गया।

केशव ने कहा कि इस मामले में आरोपपत्र दाखिल कर चुके विशेष जांच दल (एसआईटी) ने साफ किया है कि घी में मिलावट से जुड़ी यह “धोखाधड़ी” करीब 240 करोड़ रुपये की है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीटीडी के तत्कालीन अध्यक्ष वाई वी सुब्बा रेड्डी के निजी सहायक ने डेयरी कंपनियों से करीब चार करोड़ रुपये प्राप्त किए और इस राशि को अन्य खातों में अंतरित कर दिया गया।

हाल में एसआईटी ने नेल्लूर की एसीबी अदालत में अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया है जिसमें घी में मिलावट के मामले में टीटीडी के नौ अधिकारियों, पांच डेयरी विशेषज्ञों सहित कुल 36 लोगों पर अभियोग तय किए गए हैं।

मुख्यमंत्री नायडू ने सितंबर 2024 में आरोप लगाया था कि राज्य में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू बनाने में पशु चर्बी वाले घी का इस्तेमाल किया गया, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

राज्य में 2024 में हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की विधायक दल की बैठक के दौरान नायडू ने आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े लड्डू बनाने में घटिया सामग्री और पशु चर्बी वाले घी का उपयोग किया गया।

इन आरोपों के बाद पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत होने का दावा किया गया।

भाषा खारी सिम्मी

सिम्मी


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