बैंक धोखाधड़ी मामला : ईडी ने लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के नजदीक 7.5 करोड़ की संपत्ति कुर्क की

बैंक धोखाधड़ी मामला : ईडी ने लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के नजदीक 7.5 करोड़ की संपत्ति कुर्क की

बैंक धोखाधड़ी मामला : ईडी ने लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के नजदीक 7.5 करोड़ की संपत्ति कुर्क की
Modified Date: March 25, 2026 / 07:20 pm IST
Published Date: March 25, 2026 7:20 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन के एक मामले में लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के नजदीक स्थित करीब 7.5 करोड़ रुपये की एक अचल संपत्ति कुर्क की है। संघीय एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

ईडी ने एक बयान में बताया कि नियो कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड, उसके निदेशकों और प्रवर्तकों से जुड़े मामले में मंगलवार को अस्थायी कुर्की का आदेश जारी किया गया।

एजेंसी ने बताया कि कुर्क की गई संपत्ति का बाज़ार मूल्य लगभग 7.5 करोड़ रुपये है और यह ब्रिटेन की राजधानी लंदन में स्थित हीथ्रो हवाई अड्डे के नजदीक है।

ईडी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जारी दो प्राथमिकियों के आधार पर धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है।

संघीय एजेंसी ने बताया कि पहला मामला ‘पॉली लॉजिक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी, उसके निदेशक उत्कर्ष त्रिवेदी और अन्य लोगों से जुड़ा है, जिनपर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ 57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

दूसरा मामला नियो कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड, उसके प्रबंध निदेशक सुनील कुमार त्रिवेदी और अन्य लोगों के खिलाफ है, जिन पर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ 249.97 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

ईडी के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ कि इन कंपनियों ने गठजोड़ कर ‘बड़े पैमाने पर’ धन का अंतरण किया, जिसका मकसद बैंकिंग लेन-देन का एक ‘जटिल’ जाल बुनना था।

संघीय एजेंसी के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने अपने निदेशकों के माध्यम से ऐसी संस्थाओं के साथ वित्तीय लेन-देन किया, जिनपर “मुखौटा” कंपनियां होने का संदेह है, जो कर्मचारियों एवं करीबी सहयोगियों के नाम पर बनाई गई थीं।

ईडी ने दावा किया कि इन ‘मुखौटा’ कंपनियों का इस्तेमाल संबंधित संस्थाओं के बीच धन भेजने, लेनदेन का जटिल तंत्र बनाने के लिए किया गया, ताकि अपराध से हासिल रकम की लेनदेन और उसके अंतिम इस्तेमाल को प्रभावी ढंग से छिपाया जा सके।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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