पेंशन के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा न करने पर बैंकों को निगरानी रखने का निर्देश
पेंशन के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा न करने पर बैंकों को निगरानी रखने का निर्देश
नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) केद्र ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को बताया कि पेंशन वितरण करने वाले सभी बैंकों को पेंशनभोगियों द्वारा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर निगरानी रखने और उन्हें जमा कराने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) जमा करने में आ रही कठिनाई को दूर करने के लिए भारत सरकार ने चेहरे की पहचान तकनीक शुरू की है, जिसके तहत डीएलसी बनाने के लिए केवल स्मार्टफोन की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा, ‘‘पेंशन वितरण करने वाले सभी बैंकों को डीएलसी जमा नहीं करने पर निगरानी रखने और डीएलसी जमा कराने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।’’
सिंह ने कहा कि पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग भी डीएलसी जमा कराने के लिए बैंकों की निगरानी करता है। सभी पेंशनभोगियों को पेंशन प्राप्त करने के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।
मंत्री ने कहा, “वरिष्ठ नागरिकों, विशेषकर 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को डीएलसी जमा करने में सहायता के लिए इंडिया पोस्ट और पेमेंट्स बैंक, डाकघरों और ग्रामीण डाक सेवकों की सेवाओं का भी उपयोग किया जा रहा है। अस्सी वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगी अक्टूबर में भी अपने डीएलसी जमा कर सकते हैं।”
सिंह ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि छह मार्च, 2026 तक पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने केंद्र के सभी मंत्रालयों और विभागों के पेंशनभोगियों के लिए 15 पेंशन अदालतें आयोजित कीं, जिनमें लंबित 27,812 शिकायतों पर कार्रवाई की गई और 19,948 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया।
भाषा अविनाश सुरेश
सुरेश

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