बीडीएस छात्र की मौत: ऐप के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज

बीडीएस छात्र की मौत: ऐप के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज

बीडीएस छात्र की मौत: ऐप के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज
Modified Date: April 17, 2026 / 12:59 pm IST
Published Date: April 17, 2026 12:59 pm IST

कन्नूर, 17 अप्रैल (भाषा) कन्नूर में कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान करने और धमकाए जाने के बाद बीडीएस प्रथम वर्ष के छात्र नितिन राज आर एल की हुई मौत के मामले में एक ऑनलाइन ऋण मुहैया कराने वाले ऐप के खिलाफ शुक्रवार को जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि ऐप ने छात्र को ऋण के रूप में दी गई राशि की वसूली के लिए धमकी का सहारा लिया।

छात्र की मृत्यु के लगभग एक सप्ताह बाद, 16 अप्रैल को पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर चक्कराक्कल्लू पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (जबरन वसूली) और केरल साहूकार अधिनियम तथा केरल अत्यधिक ब्याज प्रतिषेध अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत ऐप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

जाति और रंग के आधार पर छात्र को परेशान करने के आरोप में कुछ शिक्षकों के खिलाफ शिकायतों के बीच, ऋण ऐप के खिलाफ जबरन वसूली की धाराएं लगाई गईं।

प्राथमिकी के अनुसार, जनवरी में राज को ऐप के माध्यम से 36 प्रतिशत की ब्याज दर पर 15,000 रुपये का ऋण वितरित किया गया था, जो कानूनों का उल्लंघन है।

प्राथमिकी के मुताबिक, इसके बाद नौ अप्रैल से ऐप चलाने वाले लोग ऋण की राशि वसूलने के लिए छात्र को बार-बार फोन करने लगे और कथित तौर पर उसे मानसिक रूप से परेशान किया और धमकाया।

यहां अंजराकंडी के एक निजी दंत चिकित्सा महाविद्यालय में बीडीएस प्रथम वर्ष के छात्र राज (22) 10 अप्रैल को एक इमारत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल पाए गए और बाद में चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।

राज को उसकी जाति और रंग के आधार पर परेशान किए जाने के आरोपों के बाद, पुलिस ने डेंटल एनाटॉमी विभाग के प्रमुख डॉ. एम. के. राम और एसोसिएट प्रोफेसर के. टी. डॉ. संगीता नाम्बियार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

बृहस्पतिवार को चिकित्सा महाविद्यालय के प्रबंधन ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद डॉ. राम को बर्खास्त कर दिया।

पुलिस मामलों के अलावा, केरल एससी/एसटी आयोग, केरल राज्य मानवाधिकार आयोग, केरल राज्य युवा आयोग, केरल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय और चिकित्सा शिक्षा विभाग अलग-अलग जांच कर रहे हैं।

इस मामले में आरोपी डॉ. राम और डॉ. संगीता का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

भाषा तान्या संतोष

संतोष


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