बंगाल : रोजगार सृजन को चुनावी मुद्दा बनाकर युवाओं को साधने में जुटा वाम मोर्चा
बंगाल : रोजगार सृजन को चुनावी मुद्दा बनाकर युवाओं को साधने में जुटा वाम मोर्चा
(अमितव रॉय)
कोलकाता, 21 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में युवाओं को अपने पक्ष में वापस लाने के लिए रोजगार सृजन को प्रमुख मुद्दा बना रहा है।
माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य सामिक लाहिड़ी ने कहा कि पार्टी इस चुनाव में बड़ी संख्या में युवा उम्मीदवारों और स्वयंसेवकों के सहारे नयी पीढ़ी का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है। राज्य में पिछले कुछ चुनावों में युवाओं के बीच समर्थन में भारी गिरावट वाम दलों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे चुनाव प्रचार का मुख्य आधार रोजगार सृजन है।’’
लाहिड़ी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि राज्य में रोजगार के अवसरों की भारी कमी है और बेरोजगारी के कारण लगभग 1.25 करोड़ लोग (जिनमें अकुशल से लेकर अत्यधिक कुशल लोग शामिल हैं) राज्य छोड़ चुके हैं।
माकपा नेता ने बताया कि वाम मोर्चा ने राज्य के लिए एक वैकल्पिक रोजगार नीति तैयार की है, जिसे विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाम मोर्चा का घोषणा पत्र अंतिम चरण में है और जल्द ही जारी किया जाएगा, जिसमें रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है।
साल 2011 में तत्कालीन विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के आंदोलनों के चलते सात कार्यकाल वाली वाम मोर्चा सरकार का पतन हुआ था। मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली सरकार को 2007-08 के दौरान किसानों की जमीन वापसी की मांग को लेकर तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके चलते टाटा मोटर्स ने सिंगूर से अपनी नैनो कार परियोजना को गुजरात के साणंद स्थानांतरित कर दिया था और नंदीग्राम में प्रस्तावित रासायनिक हब योजना भी रद्द करनी पड़ी थी।
लाहिड़ी ने कहा कि जिन उम्मीदवारों के नाम घोषित हो चुके हैं, वे पूरी ताकत के साथ प्रचार में जुट गए हैं और घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा की 224 सीटों पर वाम मोर्चा अब तक उम्मीदवारों की घोषणा कर चुका है।
गौरतलब है कि 2011 में वाम मोर्चा को 39 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि 2021 के विधानसभा चुनाव में यह घटकर 4.73 प्रतिशत रह गया। 2024 के लोकसभा चुनाव में माकपा को 5.73 प्रतिशत वोट मिले।
लाहिड़ी ने कहा कि पार्टी पारंपरिक तरीके से घर-घर जाकर प्रचार और मतदाताओं से संवाद पर जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि बड़े जनसभाओं के बजाय छोटे-छोटे स्थानीय बैठकों और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए आम लोगों तक पहुंचने की रणनीति अपनाई जा रही है।
लाहिड़ी ने कहा कि पार्टी अब तक राज्यभर में 70 हजार से अधिक छोटी बैठकों का आयोजन कर चुकी है और मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क के जरिए समर्थन वापस पाने की कोशिश कर रही है।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।
भाषा रवि कांत रवि कांत माधव
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