बंगाल सरकार में मंत्री ताजमुल हुसैन को एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाया गया

बंगाल सरकार में मंत्री ताजमुल हुसैन को एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाया गया

बंगाल सरकार में मंत्री ताजमुल हुसैन को एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाया गया
Modified Date: January 19, 2026 / 05:43 pm IST
Published Date: January 19, 2026 5:43 pm IST

कोलकाता, 19 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ताजमुल हुसैन को राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सुनवाई के लिए तलब किया गया है। निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि तीन बार के विधायक हुसैन को सुनवाई का नोटिस इसलिए भेजा गया है, क्योंकि 2002 की मतदाता सूची में दर्ज उनके और उनके पिता के नाम में अंतर पाया गया है।

अधिकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कपड़ा राज्य मंत्री हुसैन से 29 जनवरी को पूर्वाह्न 10:30 बजे सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ सुनवाई के लिए पेश होने को कहा गया है।

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नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए हुसैन ने कहा, “यह वही निर्वाचन आयोग है, जिसने मुझे तीन बार विधानसभा चुनावों का विजेता घोषित किया और अब वह यह सत्यापित करने की कोशिश कर रहा है कि क्या मैं एक वैध मतदाता हूं।”

हुसैन 2006 से 2016 के बीच विधायक रहे। वह 2021 में तीसरी बार विधायक चुने गए, जिसके बाद उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में भी जगह मिली।

हुसैन ने कहा, “जिस निर्वाचन आयोग के तहत मैं तीन बार विधायक चुना गया हूं और वर्तमान में मंत्री हूं, वही आयोग अब यह सत्यापित करेगा कि मैं एक वैध मतदाता हूं या नहीं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग तीन महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले किए जा रहे एसआईआर अभ्यास का मकसद पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लाभ पहुंचाना है।

हुसैन ने कहा, “बंगाल की जनता राज्य में भाजपा सरकार स्थापित करने के मकसद से रची गई ऐसी सभी साजिशों का जवाब देगी।”

निर्वाचन आयोग के अधिकारी के अनुसार, ताजमुल हुसैन के पिता दीदार हुसैन यादव समुदाय से आते हैं, जिन्होंने धर्मांतरण कर इस्लाम अपनाया। उन्होंने बताया कि हुसैन परिवार का पुश्तैनी घर उत्तर प्रदेश में है, जहां उनके परिवार के सदस्य अभी भी रहते हैं।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के विधायक नौशाद सिद्दीकी को भी 27 जनवरी को जांगीपाड़ा ब्लॉक विकास कार्यालय में एसआईआर सुनवाई के लिए तलब किया गया है।

अधिकारी के मुताबिक, “हमें सिद्दीकी की ओर से पेश की जानकारी में विसंगतियां मिली हैं।”

सिद्दीकी पश्चिम बंगाल विधानसभा में इकलौते ऐसे विधायक हैं, जो न तो सत्ताधारी टीएमसी से हैं और न ही विपक्षी दल भाजपा से।

भाषा पारुल मनीषा

मनीषा


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