बिरयानी टिप्पणी विवाद: प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा एनसीडब्ल्यू के समक्ष पेश हुए
बिरयानी टिप्पणी विवाद: प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा एनसीडब्ल्यू के समक्ष पेश हुए
नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) हास्य कलाकार प्रणित मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा सोमवार को यहां राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के दफ्तर पहुंचे। वे महिलाओं की गरिमा को कथित तौर पर ठेस पहुंचाने वाली अपनी टिप्पणियों के सिलसिले में सुनवाई के लिए एनसीडब्ल्यू के समक्ष आए थे।
एनसीडब्ल्यू ने इस मामले में मोरे और जांगड़ा को अपने सामने पेश होने के लिए समन जारी किया था।
आयोग ने पूर्व में एक बयान में कहा था, “एनसीडब्ल्यू ने हरियाणा के गुरुग्राम में हुए एक हास्य कार्यक्रम के दौरान हुई घटना की मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो फुटेज का स्वतः संज्ञान लिया है। इस घटना में कथित तौर पर एक महिला के साथ यौन जबरदस्ती और बिना सहमति के किए गए व्यवहार को सही ठहराने वाली बातें सार्वजनिक रूप से कही गईं और बाद में उन पर तालियां भी बजाई गईं।”
इस घटना की निंदा करते हुए, एनसीडब्ल्यू ने फिर से कहा कि सहमति से कोई समझौता नहीं हो सकता।
आयोग ने कहा था कि किसी महिला की आजादी के प्रति यौन जबरदस्ती, हक जताने या अनादर करने की किसी भी कोशिश को हास्य या मनोरंजन के तौर पर दिखाना स्वीकार्य नहीं है। यह भारत के संविधान और कानूनों के तहत महिलाओं को मिली बराबरी, सम्मान और सुरक्षा के सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब जांगड़ा ने शो के दौरान एक ‘डेट’ (मुलाकात) पर जाने का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने चिकन बिरयानी की एक प्लेट पर 370 रुपये खर्च किए थे। जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो जांगड़ा ने कहा कि उन्होंने बिरयानी पर खर्च किए गए पैसों के बदले “प्रणय निवेदन” की मांग की। जांगड़ा की इस बात पर मोरे को “हंसते” हुए देखा गया।
बाद में, सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बाद मोरे और जांगड़ा, दोनों ने इस घटना के लिए माफी मांगी। जांगड़ा ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी निष्क्रिय कर दिया।
गुरुग्राम की एक कंपनी ने “370 रुपये की बिरयानी” वाली टिप्पणी के कारण जांगड़ा को नौकरी से भी निकाल दिया।
भाषा
प्रशांत दिलीप
दिलीप

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