भाजपा सीधे मुकाबला नहीं कर सकती, परिवार को निशाना बना रही : उमर

भाजपा सीधे मुकाबला नहीं कर सकती, परिवार को निशाना बना रही : उमर

भाजपा सीधे मुकाबला नहीं कर सकती, परिवार को निशाना बना रही :  उमर
Modified Date: April 20, 2026 / 07:52 pm IST
Published Date: April 20, 2026 7:52 pm IST

राजौरी/जम्मू, 20 अप्रैल (भाषा) मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि यह पार्टी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के रिश्तेदारों को निशाना बना रही है और इसे सीधे मुकाबले में हार का डर है।

नॉशेरा सीमा क्षेत्र के राजौरी जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘क्या आपकी (भाजपा की) प्रणाली इतनी कमजोर है कि आप सीधे हमारे साथ मुकाबला नहीं कर सकते और इसके बजाय हमारे परिवार के सदस्यों पर हमला करते हैं।’’

अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा विपक्षी नेताओं के खिलाफ बार-बार लगाई गई शिकायतें टिकाऊ नहीं हुई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) ऐसे तरीकों का सहारा लेते हैं, ताकि हमें परेशान किया जा सके। वे बार-बार आरोप लगाते रहते हैं, लेकिन इनमें से कोई भी आरोप सच्चाई पर खरा नहीं उतरता और इनमें से कोई भी साबित नहीं होता।’’

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जब छापेमारी के दौरान कुछ भी नहीं मिला, तो एजेंसियों ने परिवार के सदस्यों को परेशान करने पर ध्यान केंद्रित कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘वे हमें परेशान करते हैं। और अगर किसी को सबसे ज्यादा निशाना बनाया गया है, तो वह मेरे सहयोगी सुरेंद्र चौधरी साहब हैं। बार-बार आप देखते हैं — जब भी वह विधानसभा में बोलते हैं, वे जम्मू और कश्मीर के लिए बोलते हैं, अपने लिए कभी नहीं। वे अधिकारों, राज्य का दर्जा, भाईचारे, हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और हमारे साझा इतिहास के बारे में बोलते हैं।’’

चौधरी की भूमिका पर जोर देते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘जब भी वह विधानसभा में बोलते हैं, वे सबके लिए, सभी समुदायों के लिए और साझा इतिहास के लिए बोलते हैं। वे लोगों को बांटने के लिए नहीं बोलते। लेकिन भाजपा को यह पसंद नहीं आता।’’

चौधरी के परिवार को कथित रूप से निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अगर सुरेंद्र चौधरी ने राजनीति में प्रवेश किया और भाजपा के उम्मीदवार को हराया, तो इसमें उनके भाई की क्या गलती है? उनके भाई का अपराध क्या है? वे बस अपना काम कर रहे हैं; उन्हें नौकरी मिली है और वे काम कर रहे हैं।’’

भाषा रंजन संतोष

संतोष


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