भाजपा ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की जांच के लिए चार सांसदों की समिति गठित की

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की जांच के लिए चार सांसदों की समिति गठित की

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की जांच के लिए चार सांसदों की समिति गठित की
Modified Date: June 15, 2024 / 02:40 pm IST
Published Date: June 15, 2024 2:40 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने पश्चिम बंगाल में कथित राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए शनिवार को चार सदस्यीय समिति गठित की। पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया।

इस समिति में पार्टी सांसद बिप्लब कुमार देब, रविशंकर प्रसाद, बृजलाल और कविता पाटीदार शामिल हैं। देब इस समिति के संयोजक हैं।

पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘ममता बनर्जी मूकदर्शक बनी हुई हैं, उनकी पार्टी के अपराधी बेखौफ होकर विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं पर हमला करते हैं और उन्हें डराते-धमकाते हैं। यहां तक ​​कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी इन ज्यादतियों पर संज्ञान लिया है और 21 जून तक केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती बढ़ा दी है तथा मामले की सुनवाई 18 जून को तय की है।’’

भाजपा ने कहा कि देशभर में लोकसभा चुनाव हुए, लेकिन पश्चिम बंगाल को छोड़कर कहीं से भी राजनीतिक हिंसा की कोई घटना सामने नहीं आई।

भाजपा ने आरोप लगाया, ‘‘राज्य चुनाव बाद की हिंसा की चपेट में है। इसी तरह की हिंसा हमने 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद देखा थी।’’

भाषा खारी शोभना

शोभना


लेखक के बारे में