भाजपा बेवजह विवाद खड़ा करके अहम मुद्दों से ध्यान भटका रही है: पवन खेड़ा
भाजपा बेवजह विवाद खड़ा करके अहम मुद्दों से ध्यान भटका रही है: पवन खेड़ा
(दूर्बा घोष)
गुवाहाटी, तीन अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) असम विधानसभा चुनाव में अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बेवजह विवाद खड़े कर रही है और चर्चा को उसी दिशा में मोड़ रही है।
खेड़ा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर ‘सांप्रदायिक हिंसा विधेयक’ लाने की कोशिश का आरोप लगाना एक ऐसे व्यक्ति का ‘‘बेहद अजीब बयान’’ है जो लगभग 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में है।
उन्होंने कहा, ‘‘उनकी (मोदी) पार्टी पिछले 10 वर्षों से असम में भी सत्ता में है, फिर भी उन्हें चीजों की गलत व्याख्या करनी पड़ती है और अपनी असफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास करना पड़ता है।’’
खेड़ा ने कहा, ‘‘वह तथ्यों को तोड़-मरोड़कर क्यों पेश कर रहे हैं, 2014 से ही क्यों? इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री को यह मालूम है कि भाजपा की उपलब्धियों के बारे में बात करने के लिए कुछ खास बचा नहीं है।’’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे के संदर्भ में कि भाजपा घुसपैठियों के खिलाफ है, न कि असम के मूल निवासी मुसलमानों के खिलाफ, खेड़ा ने पूछा, ‘‘वह यह क्यों नहीं कहते कि वे 1985 के असम समझौते का पालन करते हैं – यही तो हर बहस का समाधान है।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा को उम्मीद है कि ध्रुवीकरण एक चुनावी मुद्दा बन जायेगा, लेकिन ‘‘राज्यभर में यात्रा करने के दौरान मुझे ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है’’।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी द्वारा एआईयूडीएफ के लिए प्रचार करने के संबंध में, कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव के दौरान प्रचार करने का अधिकार सभी को है और उन्हें भी यह अधिकार प्राप्त है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा द्वारा कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई के पाकिस्तानी संबंधों के आरोपों पर खेड़ा ने आरोप लगाया कि (शर्मा) पूरी तरह से अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।
खेड़ा ने कहा, ‘‘मैं पहले मुख्यमंत्री को एक विवेकपूर्ण, सामान्य व्यक्ति समझता था, लेकिन मुझे डर है कि वह ऐसे नहीं हैं। हार देखने पर बहुत कम लोग अपना मानसिक संतुलन बनाए रख पाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोग इन आरोपों पर हंस रहे हैं… केंद्र और राज्य दोनों में सत्ता में होने के कारण, उनके सिर्फ आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा बल्कि कार्रवाई भी करनी चाहिए। वे ऐसा इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि यह झूठ है।’’
भाषा देवेंद्र वैभव
वैभव

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