बंगाल चुनाव के पहले चरण में 110 सीट जीत रही भाजपा, सत्ता में आए तो सीएए लागू करेंगे: अमित शाह

बंगाल चुनाव के पहले चरण में 110 सीट जीत रही भाजपा, सत्ता में आए तो सीएए लागू करेंगे: अमित शाह

बंगाल चुनाव के पहले चरण में 110 सीट जीत रही भाजपा, सत्ता में आए तो सीएए लागू करेंगे: अमित शाह
Modified Date: April 25, 2026 / 05:06 pm IST
Published Date: April 25, 2026 5:06 pm IST

कोलकाता, 25 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में ही अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है, और पार्टी 23 अप्रैल को हुए मतदान में 110 सीटें जीतेगी।

शाह ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) को, विशेष रूप से मतुआ समुदाय के लिए, शीघ्रता से लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले चरण का मतदान हो चुका है। पहले ही चरण में भाजपा 110 सीटें जीतेगी और (ममता) दीदी सत्ता से बेदखल हो जाएंगी। भाजपा यहां सरकार बनाएगी।’’

बंगाल की 294-विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान हुआ और 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।

शाह ने सीएए के विरोध को लेकर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधा और उनकी सरकार पर मतुआ समुदाय के सदस्यों को नागरिकता के अधिकार से वंचित करने और उन्हें भयभीत रखने का आरोप लगाया।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘दीदी सीएए कानून को लागू नहीं होने दे रही हैं। आप कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) की सरकार बनाइए, और पांच मई के बाद भाजपा सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मतुआ समुदाय के हर भाई-बहन को नागरिकता मिले।’’

बांग्लादेश से संबंध रखने वाले राजनीतिक रूप से प्रभावशाली शरणार्थी समुदाय का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि मतुआ लोगों को भाजपा सरकार के तहत अब अनिश्चितता में नहीं रहना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मतुआ समुदाय के लोगों को अब डर में जीने की जरूरत नहीं है।’’

शाह ने आरजी कर अस्पताल मामला, संदेशखलि और कोलकाता के एक विधि कॉलेज में कथित अपराधों जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासनकाल में सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं को ही उठाना पड़ा है। चाहे आरजी कर मामला हो, संदेशखलि या दक्षिण कोलकाता विधि कॉलेज का मामला हो, हर घटना ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ममता दीदी की सरकार की पूर्ण विफलता को उजागर किया है।’’

केंद्रीय मंत्री ने बनर्जी के उन कथित बयानों पर आपत्ति जताई जिनमें उन्होंने महिलाओं को शाम सात बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी थी।

शाह ने कहा कि ऐसे बयान सरकार की विफलता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘दीदी कहती हैं कि महिलाओं को शाम सात बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, लेकिन पांच मई के बाद, जब भाजपा की सरकार बनेगी, तो अगर कोई लड़की रात एक बजे भी बाहर निकलने का फैसला करती है, तो कोई उसे आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं करेगा।’’

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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