तकनीकी खराबी ठीक होने के बाद बीएमआरसीएल ने पर्पल लाइन पर मेट्रो सेवाएं फिर शुरू कीं

तकनीकी खराबी ठीक होने के बाद बीएमआरसीएल ने पर्पल लाइन पर मेट्रो सेवाएं फिर शुरू कीं

तकनीकी खराबी ठीक होने के बाद बीएमआरसीएल ने पर्पल लाइन पर मेट्रो सेवाएं फिर शुरू कीं
Modified Date: June 24, 2026 / 12:17 pm IST
Published Date: June 24, 2026 12:17 pm IST

बेंगलुरु, 24 जून (भाषा) बीएमआरसीएल ने बुधवार को बताया कि यहां कुब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर सामने आई तकनीकी समस्या को सफलतापूर्वक ठीक कर लिया गया है और पर्पल लाइन पर सामान्य सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं।

कुब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर एक ट्रेन में तकनीकी खराबी आने के कारण मंगलवार शाम व्यस्त समय के दौरान पर्पल लाइन की मेट्रो सेवाएं प्रभावित हो गई थीं।

इस बाधा के कारण पर्पल लाइन के कई मेट्रो स्टेशनों, जिनमें कुब्बन पार्क और एमजी रोड शामिल हैं, पर भारी भीड़ देखी गई। दफ्तर से घर लौट रहे यात्री बीच रास्ते में फंस गए और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो और ऐप-आधारित कैब जैसे वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ा।

नम्मा मेट्रो की पर्पल लाइन पूर्व में व्हाइटफील्ड (कडुगोडी) से लेकर दक्षिण-पश्चिम में चल्लाघट्टा तक चलती है।

बेंगलुरु मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि कुब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर सामने आई तकनीकी समस्या को उनकी विशेष संचालन एवं रखरखाव टीम द्वारा सफलतापूर्वक ठीक कर लिया गया है।

आज सुबह पांच बजे से पर्पल लाइन पर नियमित समय-सारणी के अनुसार सामान्य मेट्रो सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं।

बीएमआरसीएल ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे सेवाओं के बहाल होने का संज्ञान लें और नम्मा मेट्रो की सुरक्षित, विश्वसनीय तथा कुशल सेवाओं का उपयोग जारी रखें।

बीएमआरसीएल ने कहा, ‘सेवा में अस्थायी बाधा के दौरान सभी यात्रियों के धैर्य, समझ और सहयोग के लिए हम हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।’

इस बीच, सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने राज्य में कांग्रेस नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंगलवार को पर्पल लाइन मेट्रो सेवा बाधित होने के कारण भारत की ‘सिलिकॉन वैली’ में काम करने वाले मेहनती पेशेवरों को काम के बाद घर लौटने के लिए ट्रकों में लिफ्ट लेनी पड़ी।

उन्होंने इस संबंध में एक वीडियो भी साझा किया।

मेट्रो सेवाओं में इस बाधा को पिछले कुछ सालों में बेंगलुरु में मेट्रो के सामने आई सबसे गंभीर समस्याओं में से एक बताया जा रहा है।

भाषा तान्या वैभव

वैभव


लेखक के बारे में